प्रतीकात्मक तस्वीर
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एक बेहद प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा
'गाओकाओ' का शाब्दिक अर्थ होता है उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश परीक्षा। चीन में इसकी शुरुआत साल 1952 में हुई थी, लेकिन माओ जेडांग की सांस्कृतिक क्रांति के दौरान साल 1966 और 1976 के बीच इसे रोक दिया गया था। साल 1977 से गाओकाओ की परीक्षा को एक ऐसे अवसर के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके जरिए सीमित संसाधनों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाला कोई छात्र बेहतर भविष्य के रास्ते पर आगे बढ़ सकता है।
चीन के हर क्षेत्र में गाओकाओ की परीक्षा के अपने प्रारूप हैं, लेकिन सामान्य शब्दों में कहें तो इस इम्तेहान में चीनी भाषा, गणित और एक विदेशी भाषा से जुड़े सवाल शामिल होते है। इसके अलावा बच्चे, इतिहास, राजनीति, भूगोल, बॉयोलॉजी, फिजिक्स या केमिस्ट्री जैसे दूसरे सब्जेक्ट भी चुन सकते हैं। चीन में ये परीक्षा दो से चार दिनों में पूरी होती है, लेकिन ये इस बात पर निर्भर करता है कि परीक्षा किस इलाके में हो रही है।