उदयपुर के खारोल कॉलोनी में मंगलवार को एक भयावह घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाला 8 साल का बच्चा शाम करीब 5 बजे अपने दोस्त से मिलने निकला था। मगर घर से कुछ ही दूरी पर चार आवारा कुत्तों ने अचानक उसे घेर लिया और उस पर हमला बोल दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसने आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर बहस छेड़ दी है। इस वीडियो को देखकर हर किसी का दिल दहल गया है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वीडियो में देखा जा सकता है कि कुत्तों में से एक ने बच्चे के हाथ को अपने मुंह में कसकर दबा लिया और उसे सड़क पर घसीटने लगा। बच्चा खुद को बचाने के लिए पूरी कोशिश करता रहा, मगर दूसरे कुत्ते भी उस पर टूट पड़े और बच्चे के हाथ, पैर, कमर और पेट को बेरहमी से काटना शुरू कर दिया। बच्चे की चीखें सुनते ही पास की महिलाएं दौड़कर बाहर आईं और चिल्ला-चिल्लाकर कुत्तों को भगाने की कोशिश की। मगर कुत्ते हमले से पीछे नहीं हटे। कुछ देर बाद बच्चे का दोस्त साइकिल लेकर मौके पर पहुंचा और उसने शोर मचाया, जिससे तीन कुत्ते भाग गए। हालांकि, एक कुत्ता आखिरी तक बच्चे का पीछा करता रहा।
वीडियो पर लोगों ने दी ऐसी प्रतिक्रिया
यह वीडियो X हैंडल @1K_Nazar द्वारा शेयर किया गया था। उन्होंने वीडियो के साथ लिखा कि इस तरह के डरावने सीन अब रोजाना अलग-अलग शहरों से देखने को मिल रहे हैं, लेकिन इंसानों को इन हमलों से बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। इस पोस्ट को 3 लाख से ज्यादा बार देखा गया और ढाई हजार से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं। वीडियो पर लोगों ने अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा कि अगर महिलाएं डंडा लेकर कुत्तों को मारने जातीं तो कुत्ते तुरंत भाग जाते, लेकिन वे सिर्फ दूर से चिल्लाती रहीं। दूसरे ने आलोचना कि अब कुत्तों के समर्थक लोग जरूर इस पर तर्क देंगे। किसी ने इसे बेहद खौफनाक बताया, तो किसी ने लिखा कि गांव की महिलाएं होतीं तो कुत्तों को सबक सिखा देतीं।
घटना में घायल हुआ बच्चा
घटना में बच्चा बुरी तरह घायल हो गया। उसके हाथ, पैर और कमर पर कई जगह गंभीर घाव आए। तुरंत ही उसे पास के अस्पताल में प्राथमिक इलाज दिया गया और फिर एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे तीन इंजेक्शन लगाए गए। इलाके के लोगों का कहना है कि कॉलोनी में आवारा कुत्तों की तादाद काफी बढ़ गई है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए घर से बाहर निकलना जानलेवा बनता जा रहा है।