बरसात का मौसम ज्यादातर लोगों के लिए खुशी और ताजगी लेकर आता है। बहुत से लोग इस समय खिड़की के पास बैठकर गरमा-गरम चाय और पकौड़ों का मजा लेते हैं। कुछ लोग तो छतरी लेकर बाहर घूमने निकल पड़ते हैं, ताकि बारिश की फुहारों का आनंद ले सकें। लेकिन हर किसी के लिए यह मौसम सुखद नहीं होता। जिनके पास पक्की छत नहीं होती या जिनका घर सुरक्षित नहीं होता, उनके लिए यह समय परेशानी और संघर्ष से भरा होता है। तो आज की इस खबर में हम आपको एक ऐसे ही वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत चर्चा में है, जो बारिश के दो बिल्कुल अलग पहलू दिखाता है। वीडियो की शुरुआत में सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ती गाड़ियां दिखती हैं, जिनमें बैठे लोग बारिश का मजा ले रहे हैं। लेकिन अगले ही पल कैमरा एक ऐसे सीन पर रुक जाता है, जिसे देखकर किसी का भी दिल पसीज जाए। वीडियो में एक व्यक्ति फुटपाथ पर ईंटों का छोटा-सा चूल्हा बनाकर खाना पका रहा है। उसके साथ दो छोटे-छोटे बच्चे भी हैं, जो खुले आसमान के नीचे बैठकर बारिश में भीग रहे हैं। जैसे ही बारिश तेज होती है, आग बुझने का खतरा बढ़ जाता है। तब ये मासूम बच्चे एक लकड़ी का पटरा उठाकर चूल्हे और अपने सिर के ऊपर तान देते हैं, ताकि बारिश का पानी आग को बुझा न सके और खाना बनना बंद न हो।
बारिश में खाना बनाते दिखा पिता
यह सीन बहुत की भावुक कर देने वाला है। सिर्फ दो वक्त की रोटी के लिए इन बच्चों को बारिश में भीगते हुए इस तरह मेहनत और संघर्ष करना पड़ रहा है। उनके कपड़े भीग चुके हैं, लेकिन उनके चेहरे पर हार मानने का भाव नहीं, बल्कि जरूरत पूरी करने का संकल्प साफ झलकता है। यह वीडियो इंस्टाग्राम यूजर @girijaprasaddubey ने शेयर किया है। वीडियो पोस्ट होने के बाद से अब तक इसे 6 करोड़ से ज़्यादा लोग देख चुके हैं और लगभग 70 लाख बार इसे लाइक किया गया है। लोग इस वीडियो पर तरह-तरह की भावुक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
वीडियो पर यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
एक यूजर ने लिखा, “जिंदगी हर किसी के लिए आसान नहीं होती।” दूसरे ने कमेंट किया, “अमीर के लिए यह मौसम खुशी है, गरीब के लिए परेशानी।” वहीं, एक यूजर ने बेहद मार्मिक अंदाज में लिखा, “घर में चूल्हा जलाने के लिए धूप में जलते देखा है,और गरीब की सांसों को गुब्बारों में बिकते भी देखा है।” यह वीडियो सिर्फ बारिश का मौसम नहीं दिखाता, बल्कि हमारे समाज की सच्चाई भी सामने लाता है। जहां एक तरफ कुछ लोग मौसम का आनंद ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसी मौसम में अपने अस्तित्व और भूख से लड़ रहे हैं। यह हमें याद दिलाता है कि खुशियां और मुश्किलें अक्सर परिस्थिति पर निर्भर करती हैं, जिसके पास साधन हैं, वह आनंद ले सकता है, जिसके पास नहीं हैं, उसके लिए वही समय एक चुनौती बन जाता है।