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Viral Video: बीच सड़क पर कांवड़ियों को खैनी बांटता दिखा शख्स, लोग बोले- ये पाप में गिना जाएगा या पुण्य में?

Fri, 08 Aug 2025 09:59 AM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Viral Video: इस बार सावन में एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के बीच बहस छेड़ दी है। वीडियो में एक व्यक्ति सड़क किनारे खड़ा होकर गुजरते हुए कांवड़ियों को खैनी देता नजर आ रहा है।
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कांवड़ियों को खैनी बांटता दिखा शख्स - फोटो : इंस्टाग्राम @memersinghji
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विस्तार
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सावन का महीना आते ही पूरे देश में भगवान शिव की भक्ति का खास माहौल बन जाता है। यह वह समय है, जब लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। भक्त गंगा नदी से पवित्र जल भरकर अपने-अपने तीर्थ स्थानों की ओर रवाना होते हैं और रास्ते भर ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के नारे लगाते हैं। यह यात्रा केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा, संयम और उत्साह का सुंदर मेल है। हालांकि, इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस बार सावन में एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के बीच बहस छेड़ दी है। वीडियो में एक व्यक्ति सड़क किनारे खड़ा होकर गुजरते हुए कांवड़ियों को खैनी देता नजर आ रहा है। कांवड़ यात्रा को हमेशा एक पवित्र और अनुशासित यात्रा माना जाता है, जहां भक्त पूजा, भजन और संयम में लीन रहते हैं। ऐसे में यह नजारा कई लोगों को अटपटा लगा। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ कांवड़िए मुस्कुराते हुए खैनी ले रहे हैं, जबकि कुछ इसे नज़रअंदाज़ कर आगे बढ़ जाते हैं। यह अलग-अलग प्रतिक्रियाएं लोगों के मन में सवाल पैदा करती हैं। क्या ऐसी पवित्र यात्रा के दौरान खैनी बांटना सही है?




कांवड़ियों को खैनी बांटता दिखा शख्स
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर फैला, लोगों की राय बंट गई। कुछ ने इसे मजाकिया और हल्के-फुल्के अंदाज में देखा। उन्होंने कहा कि सावन में तो भोलेनाथ सब माफ कर देते हैं, शायद यह भी पुण्य का काम होगा। एक सोशल मीडिया यूजर ने तो कमेंट किया, “सावन का मजा ही अलग है, इसमें थोड़ी मस्ती भी चलती है।” लेकिन कई लोगों ने इसे गंभीरता से लिया और आपत्ति जताई। उनका कहना था कि कांवड़ यात्रा एक तरह की तपस्या और संयम का प्रतीक है। ऐसे में नशीली चीजें, चाहे वह खैनी ही क्यों न हो, बांटना भक्ति की भावना के खिलाफ है। एक यूजर ने लिखा, “भगवान शिव की भक्ति का मतलब है आत्मसंयम और स्वच्छता। नशा फैलाना इस भावना का अपमान है।”
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दो वर्गों में बंटा सोशल मीडिया
इस बहस में दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात रख रहे हैं। एक ओर वे लोग हैं, जो इसे मजाक या सावन की मस्ती का हिस्सा मानते हैं। उनका कहना है कि भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है, जो अपने भक्तों की छोटी-छोटी गलतियों को भी माफ कर देते हैं। दूसरी ओर वे लोग हैं, जो मानते हैं कि पवित्र अवसर पर नशे की आदत को बढ़ावा देना गलत है, क्योंकि इससे यात्रा का असली उद्देश्य और पवित्रता दोनों प्रभावित होते हैं। आखिरकार, यह सवाल कि खैनी बांटना पुण्य है या पाप, व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक विचार पर निर्भर करता है। कुछ लोगों के लिए यह बस एक मजाकिया घटना है, जबकि कुछ इसे अनुचित मानते हैं।

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