असम और अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर कई खूबसूरत जगहें हैं, जहां लोग प्रकृति का आनंद लेने जाते हैं। यहां की हरियाली, पहाड़ और शांति भरा माहौल लोगों को खूब पसंद आता है। यही वजह है कि छुट्टियों या वीकेंड पर लोग यहां परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। लोग फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम बिताते हैं, लेकिन जरा सोचिए कि अगर आपकी इस पिकनिक में किसी जानवर की एंट्री हो जाए तो कैसे अफरा-तफरी मच जाएगी। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
जंगल के इलाकों की एक खास बात यह है कि ये जंगलों के पास हैं। ऐसे में यहां जंगली जानवरों का आना-जाना नॉर्मल बात है। कई बार यह बात खतरनाक भी साबित हो सकती है। हाल ही में, एक ऐसा ही मामला सामने आया, जब असम और अरुणाचल की सीमा के पास एक पिकनिक स्पॉट पर एक जंगली हाथी पहुंच गया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
वीडियो देख लोगों ने दी ऐसी प्रतिक्रिया
भारतीय वन सेवा के अधिकारी प्रवीन कासवान ने यह वीडियो अपने X अकाउंट पर शेयर किया। उन्होंने इसके साथ यह भी बताया कि किस तरह इंसानों और जानवरों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। अब तक इस वीडियो को 61 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि प्रशासन को ऐसे इलाकों में जाने पर रोक लगानी चाहिए ताकि किसी को नुकसान न हो। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि असली गलती इंसानों की है, क्योंकि वे ही जानवरों के इलाके में जा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ऐसे इलाकों में पिकनिक की इजाजत नहीं होनी चाहिए, इससे लोगों और जानवरों दोनों को खतरा होता है।” वहीं किसी और ने कहा, “हाथी अपने घर में था। हम ही वहां घुस गए।” एक और यूजर ने सुझाव दिया कि वन विभाग को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए पहले से तैयारी करनी चाहिए।
जंगली जानवरों की सुरक्षा भी है जरूरी
सोशल मीडिया पर इस घटना से साफ है कि हमें जंगल और जानवरों के इलाकों का सम्मान करना चाहिए। जहां जंगल शुरू होता है, वहां इंसानों को रुक जाना चाहिए। अगर हम जानवरों की दुनिया में दखल देंगे, तो इसका नतीजा खतरनाक हो सकता है। हमें प्रकृति की खूबसूरती देखने जरूर जाना चाहिए, लेकिन साथ ही हमें यह भी याद रखना चाहिए कि वहां रहने वाले जानवर भी उतने ही जरूरी हैं। उनकी सुरक्षा और आराम में कोई परेशानी न हो, इसके लिए हमें अपनी सीमाएं समझनी होंगी।