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एक राष्ट्रपति की हत्या की हैरान करने वाली कहानी, कातिल ने दागी थीं 34 गोलियां

Thu, 27 Aug 2020 08:45 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अनवर सादात - फोटो : Facebook/Egyptian Streets
इजिप्ट यानी मिस्र का नाम तो आपने सुना ही होगा। यह अफ्रीका और मध्य पूर्व के सबसे अधिक जनसंख्या वाले देशों में से एक है। यह कहानी इसी मिस्र की है, जहां के राष्ट्रपति को बेरहमी से और चारों तरफ सुरक्षा होने के बावजूद मारा गया था। इस राष्ट्रपति का नाम है मोहम्मद अनवर सादात। वह मिस्र के तीसरे राष्ट्रपति थे। 1970 में जब वो राष्ट्रपति बने तो किसी को भी यह लगा नहीं है कि वह ज्यादा दिन तक इस पद पर टिकेंगे, लेकिन वह करीब 11 साल तक राष्ट्रपति के पद पर रहे। छह अक्तूबर, 1981 को उनकी हत्या हो गई थी। कहा जाता है कि उन्होंने अपने ही 'डेथ वारंट' पर साइन कर दिया था। इसके पीछे एक कहानी है। चलिए जानते हैं इसके बारे में...
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, इस्रायल के साथ मिस्र को लड़ते करीब 25 साल हो चुके थे, लेकिन चूंकि अनवर सादात की अलग सोच थी, वो मिस्र की अर्थव्यवस्था को सुधारना चाहते थे और इस्रायल से लड़ाई खत्म करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने इस्रायल की तरह दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन कुछ लोगों को यह बात पसंद नहीं आई। वहां के कट्टरपंथी समूह राष्ट्रपति अनवर सादात के खिलाफ हो गए। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कट्टरपंथी समूह ने मिस्र की सेना में भी सेंध लगा दी और कई जवानों और अफसरों को अपनी तरफ मिला लिया। इसके बाद उन्होंने प्लान बनाया राष्ट्रपति अनवर सादात की हत्या का और इसके लिए छह अक्तूबर, 1981 का दिन चुना गया। इस दिन मिस्र का विजय परेड दिवस होता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Facebook/AMS Security Vision
चूंकि आमतौर पर राष्ट्रपति अनवर सादात किसी भी कार्यक्रम में जाते थे तो बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन कर जरूर जाते थे, लेकिन विजय परेड दिवस में जाने के लिए उन्होंने जान-बूझकर बुलेट-प्रूफ जैकेट नहीं पहनी। इसके पीछे वजह ये बताई जाती है कि उन्होंने परेड में भाग लेने के लिए इंग्लैंड के एक दर्जी से अपनी ड्रेस सिलवाई थी और वो नहीं चाहते थे कि बुलेट-प्रूफ जैकेट की वजह से उनके ड्रेस की शक्ल बिगड़ जाए और वो मोटे दिखें।   
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
राष्ट्रपति अनवर सादात बिना बुलेट-प्रूफ जैकेट पहने ही परेड में चले गए। वहां कई देशों के मेहमान आए हुए थे, साथ ही मिस्र की सभी सेनाओं के प्रमुख भी बैठे हुए थे। राष्ट्रपति के चारों तरफ सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। परेड शुरू हुआ। पहले लड़ाकू विमानों का करतब चला। फिर परेड ग्राउंड पर तोप आने वाले थे, लेकिन इस बीच अचानक परेड ग्राउंड में कुछ ट्रक आ गए। ट्रक भी परेड का ही हिस्सा थे, लेकिन उन्हें बाद में आना था। हालांकि उस समय किसी को भी इस बात पर कोई शक नहीं हुआ। 
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Anwar Sadat assassination - फोटो : Facebook/Mark Kirk
परेड ग्राउंड में सभी ट्रक अपने रूट पर चलने लगे, लेकिन तभी एक ट्रक राष्ट्रपति की ओर मुड़ गया। इसपर भी किसी को कोई शक नहीं हुआ, क्योंकि लोगों को लगा कि शायद यह भी परेड का ही हिस्सा हो। इसी बीच अचानक ट्रक से किसी ने राष्ट्रपति की तरफ गोले दागे और तभी लेफ्टिनेंट खालिद इस्लाम बोली सहित करीब 15 हथियारबंद लोग ट्रक से उतरे और गोलियां बरसाते हुए राष्ट्रपति की तरफ बढ़ने लगे। जब तक सुरक्षाकर्मी हरकत में आते, तब तक राष्ट्रपति अनवर सादात गोलियों से छलनी हो चुके थे। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
राष्ट्रपति की हत्या में शामिल लेफ्टिनेंट खालिद को मौके पर ही सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया और उससे पूछताछ की गई कि इस घटना के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे। खालिद से यह कहकर पूछताछ की जा रही थी कि राष्ट्रपति अनवर सादात अभी जिंदा हैं। इसपर खालिद ने बताया कि मैंने खुद उनपर 34 गोलियां दागी थीं, उनका बचना नामुमकिन है। यह घटना आज भी दुनिया की सबसे सनसनीखेज घटनाओं में से एक है।   
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