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कोरोना के कारण खौफ में हैं चीन के युवा, मौत के डर से बनवा रहे अपनी वसीयत

Mon, 12 Apr 2021 08:45 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
साल 2020 में चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस पूरे दुनियाभर में फैलना शुरू हुआ था। भारत में फिलहाल कोरोना की दूसरी लहर आई है और संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बता दें कि जिस चीन से इस घातक संक्रमण की शुरुआत हुई थी, वहां के युवा इस महामारी से काफी डर गए थे। इस देश के युवाओं में कोरोना से मौत का डर इस कदर समा गया है कि वो अब अपना वसीयत बनवाने लगे हैं।
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
चाइना रजिस्ट्रेशन सेंटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना वायरस के संक्रमण से होने वाली मौत के डर से चीन के युवा अपनी वसीयत बनवा रहे हैं। चीनी पंजीकरण केंद्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए, साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने बताया कि ज्यादातर चीनी नागरिक पहले से कहीं अधिक इच्छाशक्ति के साथ अपनी वसीयत बना रहे हैं। साल 2019 से 2020 तक में 1990 के बाद पैदा हुए ऐसे युवाओं की संख्या में बीते साल की तुलना 60 फीसदी का इजाफा हुआ है जो अपनी वसीयत तैयार करवा रहे हैं।
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
साल 2020 में अगस्त से लेकर अब तक परामर्श केंद्र में वसीयत बनवाने को लेकर तीन गुने का इजाफा हुआ है। बता दें कि चीन के लोग अपने घर और संपत्ति की व्यवस्था के लिए ऐसी सलाह ले रहे हैं। एससीएमपी के एक लेख में किन चेन ने लिखा है कि मृत्यु के बारे में चर्चा के प्रति सामाजिक टकराव के कारण चीन में कई लोगों के लिए इसकी तैयारी एक वर्जित विषय रहेगी।

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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
खबरों के मुताबिक, सोमवार को शियाहोंग नामक एक 18 वर्षीय छात्र अपनी 20,000 युआन की संपत्ति के वसीयत को तैयार करवाने के लिए शंघाई के एक सेंटर पर पहुंचा था। शियाहोंग ने कहा कि वो अपनी बचत वसीयत में एक दोस्त को देने का फैसला किया है, जिसने कठिन समय के दौरान मेरी मदद की और मेरा साथ किया। बता दें कि 80 फीसदी से अधिक युवा बचत किसी और को देने के लिए इच्छाशक्ति के साथ तैयार हैं और कम से कम 70 फीसदी अचल संपत्ति के लिए वसीयत बनवा रहे हैं।
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
चाइना विल ऑर्गनाइजेशन के निदेशक यांग यिंगी ने राज्य प्रसारक सीसीटीवी को बताया कि कोरोना वायरस महामारी ने चीन के कई युवाओं को मौत के बारे में सोचने के लिए प्रेरित कर दिया है। इस महामारी ने युवा लोगों पर सबसे अधिक असर डाला है।  वे सोच रहे हैं कि अगर वे मर जाते हैं तो उनके माता-पिता और बच्चों की देखभाल कौन करेगा, उनकी संपत्ति का क्या होगा?
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
बता दें कि चीन में ऐसा कानून है कि 18 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति वसीयत लिख सकता है, जबकि 16 वर्ष की उम्र वाले स्वतंत्र रूप से पैसे कमाने का स्त्रोत बना सकते हैं। इस देश में नागरिकों की औसत आयु 67 साल है।
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