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Viral: 50 हजार ज्यादा मांगे, कंपनी ने वो भी दे दिए फिर कर्मचारी ने जो किया, फाउंडर को उठाना पड़ा बड़ा कदम

Sat, 08 Aug 2026 02:21 PM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Video: एक कैंडिडेट ने तीन महीने के नोटिस पीरियड के बाद जॉइन करने से ठीक पहले 50 हजार रुपये ज्यादा सैलरी की मांग रखी, जिसे कंपनी ने मान लिया। जॉइन करने और लैपटॉप लेने के अगले ही दिन वह गायब हो गया और बाद में पता चला कि उसने दूसरी कंपनी ज्वाइन कर ली है, जहां उसे 25 हजार रुपये ज्यादा मिल रहे थे।
 
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कैंडिडेट ने की ज्यादा सैलरी की डिमांड - फोटो : AI
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विस्तार
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नई नौकरी मिलने के बाद कंपनी और कर्मचारी के बीच भरोसा बनने में वक्त लगता है। कर्मचारी से उम्मीद होती है कि वह ईमानदारी से काम शुरू करेगा और कंपनी भी उसके साथ अपने वादे पूरे करेगी। लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आई एक कहानी ने इस भरोसे को लेकर बहस छेड़ दी है। एक फाउंडर का दावा है कि उन्होंने एक कैंडिडेट का तीन महीने तक इंतजार किया, लेकिन जॉइन करने के अगले ही दिन वह गायब हो गया। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी घटना के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह घटना
यह पूरा मामला सोशल मीडिया पोस्ट से सामने आया है। गौरव के मुताबिक, उन्होंने एक कैंडिडेट के तीन महीने के नोटिस पीरियड का इंतजार किया था। सब कुछ तय था और जॉइनिंग भी तय समय पर होनी थी। लेकिन कंपनी में शामिल होने से सिर्फ तीन दिन पहले कैंडिडेट ने कहा कि उसे ऑफर की गई सैलरी अब कम लग रही है। उसने अपनी सैलरी में 50 हजार रुपये बढ़ाने की मांग रख दी।

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कैंडिडेट ने की ज्यादा सैलरी की डिमांड
गौरव के मुताबिक जॉइनिंग में इतना कम वक्त बचा था कि उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं थे। ऐसे में उन्होंने कैंडिडेट की यह शर्त भी मान ली। इसके बाद कैंडिडेट ऑफिस पहुंचा, लैपटॉप लिया और बाकी जरूरी फॉर्मेलिटी भी पूरी कर लीं। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। जॉइनिंग के दौरान कैंडिडेट ने एक और मांग रख दी। उसने कहा कि उसे वर्क फ्रॉम होम चाहिए। कंपनी ने यह शर्त भी मान ली। लेकिन इसके अगले ही दिन कहानी पूरी तरह बदल गई।

कहीं और मिल गई थी नौकरी
गौरव का कहना है कि अगले दिन कैंडिडेट ने फोन उठाना बंद कर दिया। ईमेल के जवाब भी नहीं मिले। काफी कोशिशों के बाद जब उससे संपर्क हो पाया तो उसने बताया कि वह कुछ व्यक्तिगत कारणों की वजह से नौकरी नहीं कर पाएगा। साथ ही कंपनी से कहा कि वह अपना लैपटॉप वापस मंगवा ले। गौरव के मुताबिक इसके बाद उन्हें खुद मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तब जाकर लैपटॉप वापस मिला। लेकिन असली बात बाद में पता चली। गौरव ने बताया कि कैंडिडेट ने कहीं और नौकरी ज्वाइन कर ली थी। वहां उसे उनकी कंपनी से 25 हजार रुपये ज्यादा सैलरी मिल रही थी।

सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
गौरव ने अपनी पोस्ट की शुरुआत में इसी बात पर नाराजगी जताते हुए लिखा कि 15 लाख रुपये सालाना की सैलरी के बावजूद सिर्फ 25 हजार रुपये ज्यादा के लिए कैंडिडेट ने कंपनी का भरोसा तोड़ दिया। उन्होंने तंज कसते हुए यहां तक लिखा कि ऐसे लोगों की नौकरी एआई ले ही ले। इस पोस्ट के बाद नौकरी बदलने, बेहतर सैलरी पाने और पेशेवर ईमानदारी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। मामला सिर्फ ज्यादा पैसे कमाने का नहीं, बल्कि आखिरी समय पर कंपनी से किए गए वादे और भरोसे का भी है।

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