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श्रीलंका का वो मंदिर, जहां आज भी रखा हुआ है भगवान बुद्ध का दांत!

Sat, 29 Feb 2020 10:37 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भगवान बुद्ध का दांत मंदिर - फोटो : Social media
भगवान बुद्ध, जिन्हें हम गौतम बुद्ध के नाम से भी जानते हैं, उनकी मृत्यु ईस्वी पूर्व 483 में हुई थी। इस बात को हजारों साल बीत चुके हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि श्रीलंका में एक ऐसा अद्भुत मंदिर है, जहां आज भी भगवान बुद्ध के दांत रखे होने का दावा किया जाता है। कहते हैं कि यह दांत आज भी बढ़ रहा है। यह मंदिर श्रीलंका के कैंडी शहर में है। 
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भगवान बुद्ध का दांत मंदिर - फोटो : Social media
इस मंदिर को 'दांत मंदिर' के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर उस कैंडी शहर में है, जो कभी श्रीलंका की राजधानी हुआ करता था। श्रीलंका के राजा यहां रहते थे। जब राजशाही का अंत हुआ, तब कैंडी में औपनिवेशिक आवाजाही बढ़ी। कैंडी का धार्मिक महत्व भी बहुत ज्यादा है, क्योंकि यहां अनेक महत्वपूर्ण बौद्ध मंदिर हैं।  
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भगवान बुद्ध (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कहते हैं कि भगवान बुद्ध के देह त्यागने के बाद उनका अंतिम संस्कार उत्तरप्रदेश के कुशीनगर में हुआ था, लेकिन उनके एक अनुयायी ने उनकी चिता पर से उनके दांत निकाल लिए और राजा ब्रह्मदत्त को दे दिया। कई वर्षों तक भगवान बुद्ध का वो दांत राजा ब्रह्मदत्त के पास रहा। 

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भगवान बुद्ध के दांत - फोटो : Social media
कहते हैं कि भगवान बुद्ध के दांत के लिए कई लड़ाईयां लड़ी गईं। वो दांत कई राजाओं के पास गया और आया। आखिर में भगवान बुद्ध के ही एक अनुयायी ने चोरी-छुपे उस दांत को श्रीलंका पहुंचा दिया। प्राचीन समय में कैंडी के एक राजा ने अपने महल के पास ही भगवान बुद्ध के दांत के लिए एक विशाल भव्य मंदिर बनवाया और तब से वह दांत उसी भव्य मंदिर में रखा हुआ है। 
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भगवान बुद्ध का दांत मंदिर - फोटो : Social media
हालांकि वर्ष 1603 में जब पुर्तगालियों ने श्रीलंका पर हमला किया, तो भगवान बुद्ध के उस दांत को रक्षा के लिए दुम्बारा ले जाया गया, लेकिन बाद में फिर उसे कैंडी लाया गया। यह दांत एक छोटी सी डिबिया में रखा हुआ है। मंदिर में जाने वाले लोग उस दांत के दर्शन कर सकते हैं। हालांकि डिबिया खोलकर किसी को भी वो दांत नहीं दिखाया जाता है। 
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भगवान बुद्ध का दांत मंदिर - फोटो : Social media
हर बुधवार को भगवान बुद्ध के पवित्र दांत को सुगंधित फूल मानुमुरा मंगलया से बने सुगंधित पानी से प्रतीकात्मक तौर पर स्नान कराया जाता है। इसके बाद इस पवित्र जल को श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। इस जल को चंगाई की शक्तियों से युक्त माना जाता है। 
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'कैंडी पेराहेरा' उत्सव - फोटो : Social media
कैंडी शहर में हर साल जुलाई और अगस्त के महीने में 'कैंडी पेराहेरा' नाम का एक उत्सव मनाया जाता है। इस दौरान जिस डिबिया में भगवान बुद्ध का दांत रखा हुआ है, उसे पूरे शहर में घुमाया जाता है। आपको बता दें कि भगवान बुद्ध के इस दांत मंदिर को साल 1998 में यूनेस्को ने विश्व विरासत में शामिल किया था।   
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भगवान बुद्ध के दांत मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी - फोटो : Social media
साल 2017 में जब प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका गए थे, तो उन्होंने भी इस दंत अवशेष मंदिर और भगवान बुद्ध के पवित्र दांत के दर्शन किए थे। इस दौरान उनके साथ श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना भी थे। प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर में पुष्पांजलि भी अर्पित की थी। 
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