नीतीश कुमार, चिराग पासवान, तेजस्वी यादव
- फोटो : Amar Ujala
इस बार के बिहार चुनाव में दो दिग्गज राजनीतिक घरानों यादव और पासवान की क्षमता की भी जांच होगी। इन दोनों परिवारों के वंशज अपने-अपने पिता की अजेय विरासत को बचाए रखने के लिए भीषण चुनावी जंग लड़ रहे हैं।
राज्य में पांच दलों के महागठबंधन का संचालन करने वाले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव दो साल उपमुख्यमंत्री रहे, लेकिन पहली बार अपने करिश्माई पिता के बिना चुनाव का सामना कर रहे हैं।
दूसरी ओर हैं चिराग पासवान, जिनके पिता रामविलास पासवान ने अपने जीवित रहते ही लोजपा की कमान उन्हें सौंप दी थी। अपने पिता और बिहार में दलितों के बड़े नेता रामविलास पासवान के सलाहकार रहे चिराग उनकी गैरमौजूदगी में अकेले ही नाव खींच रहे हैं। गौरतलब है कि रामविलास का हाल ही में निधन हो गया था।
जमुई से मौजूदा सांसद चिराग के सामने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिनका हर दल में कोई न कोई दोस्त था। ऐसे में लोजपा अब बिहार में एनडीए का हिस्सा भी नहीं है। हालांकि चिराग नीतीश कुमार के कट्ट आलोचक हैं, लेकिन वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्के समर्थक हैं और खुद को उनका हनुमान बताते हैं।