बिहार बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट घोषित किए जाने के बाद राज्य में दो छात्राओं के खुदकुशी करने की खबर सामने आयी है। इसके अलावा एक तीसरी छात्रा ने भी सुसाइड करने की कोशिश की थी, हालांकि उसे सही समय पर बचा लिया गया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक पहला मामला भागलपुर जिले के पीरपेंटी पुलिस थाने के तहत आने वाले गांव पलटकर जोगी तालाब का है। यहां परीक्षा परिणाम में असफल रही छात्रा खुशबू कुमारी (16) ने अपने दादा के घर में फांसी लगा ली। और दूसरा मामला बक्सर जिले के कसाररिया गांव का है। यहां पर छात्रा किरण कुमारी (17) ने रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन ट्रैक में ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी।
मामले में पीरपेंटी पुलिस थाने के एसएचओ ने बताया है कि खुशबू की दोस्त का कहना है कि वह रिजल्ट आने के बाद रो रही थी। साथ ही उसके फैमिली के लोगों का कहना है कि वह रिजल्ट में असफल रहने के बाद लगातार दो घंटे तक रो रही थी और अपने आपको कमरे में बंद करके फांसी लगा ली।
इसके अलावा दूसरे सुसाइड के मामले में बक्सर के जीआरपी एसएचओ अली अकबर खान ने बताया कि किरन की दोस्त ने कहा कि वह परीक्षा परिणाम में फेल हो गयी है, लेकिन उसके पिता बोल रहे थे कि वह पास हो गयी है। जिसके बाद वह गांव से 3 किमी दूर रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन ट्रैक में ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। हालांकि वह थर्ड डिवीजन में परीक्षा पास थी। घटना के बारे में किरन के पिता का कहना है कि उन्हे इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनकी बेटी ऐसा कदम उठा लेगी।
इसके अलावा सहरसा और सासाराम सहित कई जिलों में परीत्रा में फेल छात्रों ने कक्षा 12 के खराब परिणाम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया और शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी और बीएसईबी अध्यक्ष आनंद किशोर का पुतला फूंका। आपको बता दें कि कक्षा 12 की परीक्षा में कुल 12.61 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था जिनमें से आए परीक्षा परिणाम में 8 लाख से अधिक छात्र असफल हुए हैं।