दोनों पक्षों में करीब 10 मिनट के अंदर भारी मारपीट हुई। खदेड़कर पीटा गया।
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विरोध के दौरान झड़प, वाई श्रेणी के सुरक्षागार्डों पर हमले का आरोप
कुशवाहा बक्सर जिले के डुमरांव से बैठक कर वापस लौट रहे थे। नयका मोड़ के पास इनके समर्थकों ने काफिला रोक स्वागत कर रहे थे। इसी दौरान कुशवंशी क्षेत्रीय सेना संगठन के कुछ लोगों ने कुशवाहा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। समर्थकों और विरोधियों के बीच इस बात पर पहले बहस हुई। देखते ही देखते विरोध करने वालों की तरफ से पथराव होने लगा तो समर्थकों की तरफ से उपेंद्र कुशवाहा के सुरक्षाकर्मियों ने भी जमकर डंडे बरसा दिए। वीडियो में कुशवाहा समर्थक भारी पड़ रहे हैं, जबकि विरोधी मार खाकर लहूलुहान नजर आ रहे हैं। घटना में आधा दर्जन लोग घायल हैं, जिनमें कई को जगदीशपुर के अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया है। अबतक की जानकारी के अनुसार सभी घायल कुशवंशी क्षेत्रीय सेना संगठन के समर्थक हैं।
कुशवाहा का विरोध करने वाले ही आधा दर्जन घायल हुए हैं।
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"जिसको फरियाना होगा, वो फ़रिया लेगा आकर"
खून से लथपथ होने के कारण हम प्रेम मौर्या की तस्वीर नहीं लगा रहे, लेकिन उसने कहा कि "हम लोकतांत्रिक तरीके से इस बात का विरोध कर रहे थे कि इन्होंने (कुशवाहा) पार्टी को बेच दिया है और समाज (जाति) को गुमराह किया। देखिए, उपेन्द्र कुशवाहा ने क्या किया? इनको मजबूत करने के लिए इतना लाठी-डंडा खाए। पटना में रैली के दौरान जब नीतीश कुमार ने पिटवाया था तो हमलोग रोड पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे थे। एक बार यह समाज के साथ जदयू में गए, फिर तोड़ने का काम कर रहे हैं। ये गुंडे पाले हुए हैं न! उपेन्द्र कुशवाहा अपने आप को गुंडा समझते हैं? गुंडा पाले हुए हैं। कोई बता दे कि हमलोगों ने उनके लिए कोई गाली या अपशब्द यूज किया है? वो खुद को बहुत बड़ा गुंडा समझते हैं? तो जिसको फरियाना होगा, वो फ़रिया लेगा आकर।"