केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 23-24 सितंबर को बिहार के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे। जदयू के पाला बदलकर राजद के साथ सरकार गठन के बाद यह शाह का पहला राज्य का दौरा होगा। उन्होंने महागठबंधन सरकार को घेरने की मुहिम की शुरुआत के लिए सीमांचल को चुना है। उनके इस दौरे से पहले पार्टी राज्य में नया अध्यक्ष और दोनों सदनों में नेता प्रतिपक्ष के नाम का एलान कर देगी।
शाह 23 और 24 सितंबर को सीमांचल के पूर्णिया और किशनगंज में जनसभाओं के साथ कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे। मुस्लिमों की प्रभावशाली और निर्णायक स्थिति वाला सीमांचल भाजपा का प्रभाव वाला क्षेत्र रहा है। भाजपा को यहां के हर विधानसभा क्षेत्र में ध्रुवीकरण का लाभ मिला है। हालांकि बीते लोकसभा चुनाव में सीमांचल के कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज की तीनों सीटें भाजपा ने अपनी सहयोगी जदयू को दी थी।
गौरतलब है कि 17 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। अगले 15 दिनों तक भाजपा सेवा सप्ताह मनाएगी। कार्यकर्ता इस दौरान पार्टी के नेताओं से मुलाकात करने पहुंचेंगे। इसी दौरान शाह सीमांचल का दौरा करेंगे। वह बैठकों के जरिए एक बार फिर भाजपा का इस क्षेत्र में वर्चस्व कायम करेंगे।
वहीं पार्टी को जल्द ही नए अध्यक्ष के साथ विधानसभा और विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष का चुनाव करना है। पार्टी की रणनीति अति पिछड़ा, दलित और अगड़ा का समीकरण बनाने की है। ऐसे में ये तीनों पद इन्हीं तीन वर्गों के नेताओं को देने की तैयारी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संभवत: अगले महीने के पहले सप्ताह में तीनों ही पदों के लिए नाम तय कर लिए जाएंगे।