बिहार के आरा में दो पत्रकारों की हत्या करने का मामला सामने आया है। यह घटना भोजपुर जिले के गड़हनी थाना क्षेत्र के नहसी मोड़ के पास घटी। जहां बाइक सवार दो पत्रकारों को एक बेकाबू वाहन ने बुरी तरह कुचल दिया। मौके पर ही दोनों पत्रकारों की मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने गाड़ी पर आग लगा दी थी। जिसके बाद ग्रामीण पूर्व मुखिया की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने पूर्व मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में उसके बेटों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। आईजी एन एच खान ने मुखिया की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस मामले की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के लिए आईजी के निर्देश पर पटना से फोरेंसिक टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है। आईजी ने कहा है कि मामले का स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा। पूर्व मुखिया के फरार बेटों की तलाश में भी लगातार कार्रवाई जारी है।
जिन दो पत्रकारों की मौत हुई है उनमें से एक दैनिक
अखबार में जबकि दूसरे पत्रिका में कार्य करते थे। उनके नाम नवीन निश्चल और विजय सिंह हैं। गांव वालों के अनुसार दोनों पत्रकार किसी काम से बाहर गए थे और अपने घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनके साथ यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि स्कॉर्पियो में गड़हनी का पूर्व मुखिया मोहम्मद हरसू अपने बेटे के साथ मौजूद था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार घटना को अंजाम देने से पहले रविवार शाम को ही हरसू और नवीन के बीच गड़हनी बाजार में विवाद हुआ था। इसके बाद पूर्व मुखिया ने नवीन को इसका अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। घटना के बाद गांव वालों ने शवों को आरा-सासाराम स्टेट हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया और स्कॉर्पियों को आग लगाकर दुकानों में तोड़-फोड़ की। जिसके बाद रात ग्यारह बजे पुलिस ने लाठीचार्ज करके भीड़ को काबू किया।
भोजपुर के एसपी अवकाश कुमार का कहना है कि पूर्व मुखिया हरसू के घर पुलिस भेजी गई थी लेकिन वह अपने बेटे के साथ फरार है। गांव वालों का कहना है कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है। हरसू के खिलाफ खबर लिखे जाने की वजह से उसने इस घटना को अंजाम दिया है। यह पहला मौका नहीं है जब बिहार में पत्रकारों को निशाना बनाया गया है। इससे पहले पत्रकार राजदेव रंजन, बृजकिशोर कुमार की भी हत्या की जा चुकी है।