बिहार के इकलौते टाइगर रिजर्व में नौ साल में बाघों की संख्या 5 गुना हो गई है। बेतिया में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या तेजी से बढ़कर 40 तक हो सकती है। साल 2010 के सर्वे में यहां 8 बाघ मिले थे। देशभर में बाघों का सर्वे पूरा हो गया है। केंद्र सरकार अगले महीने इससे संबंधित आंकड़े जारी करेगा।
बिहार के बेतिया जिले में स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व 990 वर्ग किलोमीटर में फैला है। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान द्वारा हर चार साल पर देश के टाइगर रिजर्व का सर्वे किया जाता है। 2018 में फरवरी और मार्च में यह सर्वे हुआ था।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बाघों को गिनने के लिए 300 कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों से रिकॉर्ड किए गए वीडियो फुटेज देहरादून भेजे गए हैं। इस आधार पर बाघों की संख्या 40 होने की संभावना है। हालांकि अभी आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
फरवरी में केंद्र सरकार पूरे देश में बाधों की संख्या को लेकर रिपोर्ट जारी कर सकती है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक डा. डीके शुक्ला ने बताया कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या निश्चित तौर पर 35 तो होगी ही।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या
| साल |
कुल बाघ |
| 2000-01 |
30 |
| 2005-06 |
18 |
| 2010-11 |
08 |
| 2013-14 |
28 |
| 2018-19 |
40* |
(*आधिकारिक आंकड़े जारी होना बाकी)