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बिहार की सियासत में होगा बड़ा उलटफेर, होली से पहले हो सकता है जदयू और रालोसपा का मिलन

Wed, 03 Mar 2021 02:35 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर अजाला, पटना
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व रालोसपा के संस्थापक उपेंद्र कुशवाहा - फोटो : सोशल मीडिया
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बिहार की सियासी गलियारे में हलचल तेज है क्योंकि यहां से खबर आ रही है कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) का वर्ष 2013 में गठन करने वाले राजनेता उपेंद्र कुशवाहा एक बार फिर से जनता दल यूनाइटेड के साथ हाथ मिला सकते हैं। इस बात का दावा एक बार फिर से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद बशिष्ठ नारायण सिंह ने किया है।

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उन्होंने कहा कि रालोसपा का जदयू में विलय संभव है। इसे लेकर उपेंद्र कुशवाहा से लगातार बातचीत चल रही है। वह जल्द इस बात की घोषणा कर सकते हैं। फिलहाल, वह अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशवरा में जुटे हैं।

बता दें कि बीते दिनों उपेंद्र कुशवाहा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बशिष्ठ नारायण सिंह से कई बार मुलाकात कर चुके हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा को जदयू में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। साथ ही यह उम्मीद भी की जा रही है कि दोनों पार्टियों का दो सप्ताह के अंदर विलय हो जाएगा। 
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हालांकि, कुशवाहा इस मामले पर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। उनके कुछ करीबी नेताओं से बताया कि इस पर कुशवाहा ही अंतिम फैसला करेंगे। सब कुछ जल्द साफ हो जाएगा।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के बाद से ही जदयू खुद को मजबूत करने में लगी हुई जुटी है। इसके तहत पार्टी 'लव-कुश' समीकरण को साधने की पूरी कोशिश कर रही है। 

माना जा रहा है कि यदि उपेंद्र कुशवाहा नीतीश कुमार से हाथ मिलाते हैं तो जदयू को एक बड़ा कुशवाहा बिरादरी का नेता मिल जाएगा। अभी जदयू में कुशवाहा के कद जितना बड़ा कोई भी नेता नहीं है।
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कहा तो यह भी जा रहा है कि इधर रालोसपा ने भी अपने नेताओं को यह संकेत दे दिया है कि होली से नई पारी खेलने के लिए तैयार रहें।

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