बैठक करते मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत
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बिहार में एलपीजी, पीएनजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर सरकार ने स्थिति पूरी तरह सामान्य होने का दावा किया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बताया गया कि राज्य में ईंधन और गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है। बैठक में सभी प्रमुख तेल और गैस कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जबकि राज्य के सभी जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। अधिकारियों ने जनता से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में आकर गैस या ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें।
कंपनियों ने दिया भरोसा
बैठक में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल) के कार्यकारी निदेशक (बिहार-झारखंड) अनूप कुमार समान्तराय सहित अन्य पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि राज्य में गैस और ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य की कुल गैस आपूर्ति का लगभग 98.5 प्रतिशत हिस्सा घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का है, जिसकी आपूर्ति लगातार की जा रही है। हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर व्यावसायिक गैस की आपूर्ति सीमित की गई है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह मुक्त रखा गया है, ताकि वहां निर्बाध आपूर्ति बनी रहे।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसके तहत गैस एजेंसियों, गोदामों और वितरण व्यवस्था की नियमित जांच करने को कहा गया है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों और एजेंसियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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जिलों में बनेंगे कंट्रोल रूम
उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सभी जिलों में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। साथ ही अफवाहों पर रोक लगाने और सही जानकारी देने के लिए सभी जिलों के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नियमित अपडेट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा हर जिले में प्रतिदिन दोपहर 3 बजे जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) और एडीएम (सप्लाई) द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, ताकि जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जा सके। बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव तथा डीजीपी भी मौजूद रहे।