नोटबंदी को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अब सड़क पर उतरने का मन बना लिया है। इस पर अंतिम फैसला लेने के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने 17 दिसंबर को पार्टी नेताओं की एक बैठक बुलाई है। इस बैठक के बाद कार्यक्रम की घोषणा हो सकती है।
इधर, नोटबंदी के मुद्दे पर महागठबंधन में भिडंत भी तेज हो गई है। नीतीश कुमार एक बार फिर राजद नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। राजद विधायक भाई बिरेन्द्र ने कहा है कि नोटबंदी के मुद्दे पर लार टपकाते हुए केंद्र को समर्थन देने वालों को अब जनता को जवाब देना चाहिए। इस पर पलटवार करते हुए जदयू नेता श्याम रजक ने कहा है कि राजनीति में लार नहीं टपकाई जाती है, बल्कि जन सेवा की जाती है। जदयू कल भी नोटबंदी का समर्थन करता था और आगे भी करेगा।
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने नोटबंदी के मुद्दे पर राजद द्वारा आंदोलन की तैयारी पर कहा कि हर दल अपने कार्यक्रम तय करने के लिए स्वतंत्र हैं। इससे पहले शुक्रवार को लालू प्रसाद ने नोटबंदी के बाद देश में हो रही आम लोगों की परेशानी को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराते हुए अपने ट्वीट में कहा है कि उन्होंने भारत की चिंता नहीं है, बल्कि उन्हें इंडिया की चिंता ज्यादा है। उन्होंने कहा है कि देश के 80 फीसदी लोग कृषि से जुड़े हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी को दो फीसदी इंडियन की चिंता है, जिनकी पूंजी से सेंसेक्स ऊपर-नीचे होता है।