सार
तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर हमला करते हुए बिहार में बिगड़ी कानून-व्यवस्था, खराब स्वास्थ्य सेवाओं, बेरोजगारी और गरीबी का मुद्दा उठाया। फारबिसगंज हत्याकांड का जिक्र कर उन्होंने सरकार को पूरी तरह विफल बताया।
तेजस्वी यादव ने गुरुवार को राज्य सरकार और एनडीए पर तीखा हमला बोलते हुए बिहार की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक हालात पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल सरकार बनाने की राजनीति में व्यस्त है, जबकि राज्य का पूरा सिस्टम चरमरा चुका है।
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तेजस्वी यादव ने कहा कि अस्पतालों की स्थिति बेहद खराब है। मरीजों को इलाज, दवाएं और यहां तक कि स्ट्रेचर तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने फारबिसगंज में दिनदहाड़े हुई निर्मम हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने सरकार की पोल खोल दी है। उनके अनुसार, एक व्यक्ति का सिर काटकर आरोपी खुलेआम घूमता रहा और बाद में मृतक के परिजनों ने आरोपी को पीट-पीटकर मार डाला।
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उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार में प्रशासन कहां है? कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। सरेआम हत्याएं हो रही हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एनडीए के नेता मुख्यमंत्री बनने की होड़ में लगे हैं। किसानों की समस्या उठाते हुए तेजस्वी ने कहा कि ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन सरकार मदद नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन सभी क्षेत्र चौपट हो चुके हैं।
नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार आज भी देश का सबसे गरीब राज्य है, जहां प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है। उन्होंने बेरोजगारी, गरीबी और पलायन को भी गंभीर मुद्दा बताया। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में भ्रष्टाचार और अपराध चरम पर है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों, ठेकेदारों और यहां तक कि मंत्रियों तक को समय पर भुगतान नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य का खजाना खाली हो चुका है और प्रशासनिक अराजकता चरम पर है। अंत में उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र या भाजपा के बड़े नेता इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं और कहा कि बिहार की छवि देशभर में खराब हो रही है।