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Bihar Politics: तेजस्वी ने कहा- धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले को अब सचेत होना पड़ेगा, गिरिराज ने किया पलटवार

Mon, 11 Jul 2022 06:47 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

उन्होंने कहा कि अराजकता बेरोजगारी से पैदा होती है, जैसा कि हमने हाल ही में अग्निपथ योजना के साथ देखा। बेरोजगारी के डर से युवाओं में रोष व्याप्त है। आप सभी ने देखा कि कैसे वह गुस्सा अराजकता में बदल गया।
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Tejashwi Yadav - फोटो : Twitter@yadavtejashwi
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विस्तार
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बिहार में राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी के डर से लोगों में आक्रोश है और ये आक्रोश में कैसे तबदील हुआ ये आप सबने देखा है। धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले को अब सचेत होना पड़ेगा। इन लोग ध्यान जहां देना चाहिए, वहां नहीं दे पा रहे हैं। अब महंगाई, पलायन, गरीबी, बीमारी अशिक्षा और बेरोजगारी की स्थिति ऐसी पैदा हो गई है कि अगर सरकार इस पर ध्यान नहीं देगी तो इसे कंट्रोल करना मुश्किल हो जाएगा। 

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तेजस्वी यादव ने कहा कि सबसे अधिक आबादी वाला देश होने के बावजूद चीन अर्थव्यवस्था, जीडीपी और विकास के मामले में भारत से आगे है। क्या इस पर बहस नहीं होनी चाहिए? अगर बढ़ती जनसंख्या खतरा है तो चीन इतना अच्छा क्यों कर रहा है?

उन्होंने कहा कि अराजकता बेरोजगारी से पैदा होती है, जैसा कि हमने हाल ही में अग्निपथ योजना के साथ देखा। बेरोजगारी के डर से युवाओं में रोष व्याप्त है। आप सभी ने देखा कि कैसे वह गुस्सा अराजकता में बदल गया।
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किया समर्थन
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने जो कहा कि उसे देश हित के लिए लोगों को समझने की जरूरत है। जनसंख्या नियंत्रण कानून को राजनीतिक चश्मे से देखने की जरूरत नहीं है बल्कि इसे देश, विकास और सामाजिक समरसता के चश्मे से देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन ने 1979 में एक कड़ा कानून लाकर अगर अपनी आबादी नहीं रोकी होती तो वहां आज 60 करोड़ आबादी बढ़ गई होती।

क्या कहा था योगी ने?
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर लखनऊ में 'जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा' का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश में जनसंख्या नियंत्रण जरूरी है पर जनसंख्या असंतुलन न होने पाए। कहीं ऐसा न हो कि एक वर्ग की आबादी बढ़ने की रफ्तार ज्यादा हो और जो मूल निवासी हैं उस पर जनसंख्या स्थिरीकरण की कोशिशों से, इंफोर्समेंट से, जागरुकता से आबादी को नियंत्रित कर दिया जाए।

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