राजद नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यालयों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती राज्य सरकार को विश्वास में लिए बिना की गई और यह संघीय ढांचे पर हमले के समान है।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने 'अग्निपथ योजना' के खिलाफ हिंसक विरोध के मद्देनजर राज्य में भाजपा नेताओं और कार्यालयों की सुरक्षा के तरीके पर सवाल उठाए।
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तेजस्वी यादव ने एक ट्वीट में सवाल पूछा कि बिहार में भाजपा के उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने केंद्र से वाई श्रेणी की सुरक्षा ली है क्योंकि इन्हें अपनी ही डबल इंजन सरकार, गृह विभाग और बिहार पुलिस पर भरोसा नहीं है? क्या ये बेगैरत भ्रष्ट लोग सिर्फ बिहार को लूटने और बर्बाद करने के किए ही सत्ता में बने हुए है?
भाजपा कार्यालयों में केंद्रीय बलों की तैनाती संघीय ढांचे पर हमला- तेजस्वी
यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा कार्यालयों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती राज्य सरकार को विश्वास में लिए बिना की गई और यह संघीय ढांचे पर हमले के समान है। यादव ने दूसरे ट्वीट में कहा, क्या केंद्र ने राज्य सरकार को बिना विश्वास में लिए भाजपा के जिला कार्यालयों में केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात कर देश के संघीय ढांचे पर हमला नहीं किया? बिहार सरकार बताए कि क्या बिहार पुलिस इतनी अक्षम है कि भाजपा कार्यालयों की चौकीदारी के लिए उसे केंद्रीय सुरक्षा बल बुलवाने पड़ते हैं?
अग्निपथ योजना के खिलाफ हुआ था हिंसक प्रदर्शन
सशस्त्र बलों में भर्ती की नई योजना 'अग्निपथ' की घोषणा के बाद बिहार में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। प्रदर्शनकारियों ने दो एक दर्ज से अधिक जिलों में भाजपा कार्यालयों में आग लगा थी। इसके अलावा बिहार के उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, पार्टी के राज्य इकाई के अध्यक्ष संजय जायसवाल और कुछ अन्य विधायकों के घरों और वाहनों के साथ तोड़फोड़ की गई थी।