विशेष निगरानी इकाई ने ठेकेदार रिशु श्री को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी टेंडर में हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हुई है। बुधवार की देर रात विशेष निगरानी इकाई की टीम ठेकेदार रिशु श्री के मीठापुर स्थित आवास पर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें विशेष निगरानी इकाई दफ्तर ले जाया गया, जहाँ देर रात तक उनसे कड़ी पूछताछ की गई। विशेष निगरानी इकाई का कहना है कि टीम के पास रिशु श्री के खिलाफ पक्के सबूत हैं, जिनके आधार पर आगे की पूछताछ की जा रही है।
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11 घंटे चली छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति जब्त
इससे पहले बुधवार सुबह विशेष निगरानी इकाई की टीम ने पटना के मीठापुर स्थित कामत रामसखी इंक्लेव के फ्लैट नंबर-5A में छापेमारी की थी। यह सर्च ऑपरेशन करीब 11 घंटे तक चली। इस दौरान टीम को फ्लैट से लगभग 2 करोड़ के कीमती आभूषण बरामद हुए हैं। साथ ही 2.5 लाख नकद भी मिले हैं। इसके अलावा कई प्रॉपर्टी के कागजात, जरूरी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच चल रही है।
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सीधे आईएएस अधिकारियों से बनाता था संबंध
मिली जानकारी के मुताबिक रिशुश्री के संबंध कई आईएएस अधिकारियों के साथ रहे हैं, जिनमें संजीव हंस का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, इस बात की पुष्टि के संबंध में विशेष निगरानी इकाई की टीम का कहना है कि इस बिंदु पर फिलहाल जांच की जा रही है। चर्चा यह भी है कि रिशु श्री सीधे आईएएस अधिकारियों से ही बात करता था और फिर अपने अनुरूप काम करता भी था और काम करवाता भी था।
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अफसरों को कमीशन देकर टेंडर मैनेज करने का खेल
विशेष निगरानी इकाई ने बताया कि जांच में सामने आया है कि रिशुश्री का सरकारी विभागों में नीचे से लेकर ऊपर तक एक मजबूत नेटवर्क था। वह छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारियों तक को मोटी रिश्वत देकर पूरा सिस्टम 'सेट' करता था। मनचाही कंपनियों को टेंडर दिलाने के बदले 8 से 9 फीसदी तक कमीशन लिया जाता था, जो कई अधिकारियों में बंटता था। सरकारी योजनाओं में जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर बजट पास कराया जाता था और फर्जी बिलों के जरिए सरकारी पैसे का गबन होता था। रिशुश्री खुद भी अपनी छह से सात फर्जी कंपनियों के नाम पर सरकारी काम लेता था।
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अफसरों को विदेश यात्रा कराने का आरोप
विशेष निगरानी इकाई का यह भी कहना है कि टीम को यह भी पता चला है कि रिशुश्री टेंडर मैनेज करने के बदले अधिकारियों को महंगे तोहफे और सुविधाएं देता था। कुछ अधिकारियों को उसके खर्चे पर विदेश यात्राएं भी कराई गई थीं। अब जांच एजेंसियां इन अधिकारियों के नामों का पता लगा रही हैं और आने वाले दिनों में कुछ बड़े अफसरों की गिरफ्तारी भी संभव है। टीम ने यह भी बताया कि नगर विकास विभाग, बुडको, भवन निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग भी जांच के दायरे में हैं।
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ED भी कर चुकी है 68 करोड़ की संपत्ति कुर्क
रिशुश्री सिर्फ विशेष निगरानी इकाई ही नहीं, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय के निशाने पर भी है। ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। इससे पहले जून और नवंबर महीने में ईडी उसके अहमदाबाद, सूरत, गुरुग्राम, दिल्ली और पटना सहित 9 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। अगस्त महीने में कार्रवाई करते हुए ईडी ने रिशुश्री और उसके परिवार की 68.09 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क कर लिया था। फिलहाल जांच एजेंसियां डिजिटल सबूतों और बैंक खातों को खंगाल रही हैं। इस बड़े खुलासे के बाद से संबंधित सरकारी विभागों में हड़कंप मचा हुआ है।