फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar : सीधे IAS को मैनेज करने वाले ठेकेदार को किया गया गिरफ्तार; रिशुश्री का नाम सबसे पहले कब आया था सामने?

Thu, 28 May 2026 09:45 AM IST
Krishan Ballabh Narayan न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : बिहार सरकार के ठेके मैनेज होते हैं, यह प्रमाण तब सामने आया था जब आईएएस अधिकारियों और ठेकेदार रिशुश्री के संबंध सामने आए थे। अब स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने रिशुश्री को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
रिशु श्री का प्रोफाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विशेष निगरानी इकाई ने ठेकेदार रिशु श्री को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी टेंडर में हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हुई है। बुधवार की देर रात विशेष निगरानी इकाई की टीम ठेकेदार रिशु श्री के मीठापुर स्थित आवास पर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें  विशेष निगरानी इकाई दफ्तर ले जाया गया, जहाँ देर रात तक उनसे कड़ी पूछताछ की गई।  विशेष निगरानी इकाई का कहना है कि टीम के पास रिशु श्री के खिलाफ पक्के सबूत हैं, जिनके आधार पर आगे की पूछताछ की जा रही है।

विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-Bihar Boat Capsizes: पटना में बड़ा हादसा, नाव डूबने से दो की मौत, पांच लापता; 14 सवार में ज्यादा महिलाएं

11 घंटे चली छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति जब्त
इससे पहले बुधवार सुबह  विशेष निगरानी इकाई की टीम ने पटना के मीठापुर स्थित कामत रामसखी इंक्लेव के फ्लैट नंबर-5A में छापेमारी की थी। यह सर्च ऑपरेशन करीब 11 घंटे तक चली। इस दौरान टीम को फ्लैट से लगभग 2 करोड़ के कीमती आभूषण बरामद हुए हैं। साथ ही 2.5 लाख नकद भी मिले हैं। इसके अलावा कई प्रॉपर्टी के कागजात, जरूरी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच चल रही है।
विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-Bihar Teacher : जुलाई में जारी होगा TRE-4 का नोटिफिकेशन, हर साल मिलेगी सरकारी नौकरी; शिक्षा मंत्री का दावा

सीधे आईएएस अधिकारियों से बनाता था संबंध 
मिली जानकारी के मुताबिक रिशुश्री के संबंध कई आईएएस अधिकारियों के साथ रहे हैं, जिनमें संजीव हंस का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, इस बात की पुष्टि के संबंध में विशेष निगरानी इकाई की टीम का कहना है कि इस बिंदु पर फिलहाल जांच की जा रही है। चर्चा यह भी है कि रिशु श्री सीधे आईएएस अधिकारियों से ही बात करता था और फिर अपने अनुरूप काम करता भी था और काम करवाता भी था। 
यह खबर भी पढ़ें-Bihar : जीतन राम मांझी की मांग पर डिप्टी सीएम विजय चौधरी का रुख स्पष्ट, कहा- एनडीए की बैठक में तय होगी रणनीति

अफसरों को कमीशन देकर टेंडर मैनेज करने का खेल
विशेष निगरानी इकाई ने बताया कि जांच में सामने आया है कि रिशुश्री का सरकारी विभागों में नीचे से लेकर ऊपर तक एक मजबूत नेटवर्क था। वह छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारियों तक को मोटी रिश्वत देकर पूरा सिस्टम 'सेट' करता था। मनचाही कंपनियों को टेंडर दिलाने के बदले 8 से 9 फीसदी तक कमीशन लिया जाता था, जो कई अधिकारियों में बंटता था। सरकारी योजनाओं में जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर बजट पास कराया जाता था और फर्जी बिलों के जरिए सरकारी पैसे का गबन होता था। रिशुश्री खुद भी अपनी छह से सात फर्जी कंपनियों के नाम पर सरकारी काम लेता था।
विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-http://Bihar News : नीतीश कुमार पहुंचे डिप्टी सीएम विजय चौधरी के घर, बंद कमरे में हुई गुप्त बैठक; सियासी सरगर्मी तेज

अफसरों को विदेश यात्रा कराने का आरोप
विशेष निगरानी इकाई का यह भी कहना है कि टीम को यह भी पता चला है कि रिशुश्री टेंडर मैनेज करने के बदले अधिकारियों को महंगे तोहफे और सुविधाएं देता था। कुछ अधिकारियों को उसके खर्चे पर विदेश यात्राएं भी कराई गई थीं। अब जांच एजेंसियां इन अधिकारियों के नामों का पता लगा रही हैं और आने वाले दिनों में कुछ बड़े अफसरों की गिरफ्तारी भी संभव है। टीम ने यह भी बताया कि नगर विकास विभाग, बुडको, भवन निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग भी जांच के दायरे में हैं।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar Boat Capsizes: पटना में बड़ा हादसा, नाव डूबने से दो की मौत, पांच लापता; 14 सवार में ज्यादा महिलाएं

 ED भी कर चुकी है 68 करोड़ की संपत्ति कुर्क
रिशुश्री सिर्फ विशेष निगरानी इकाई ही नहीं, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय के निशाने पर भी है। ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। इससे पहले जून और नवंबर महीने में ईडी उसके अहमदाबाद, सूरत, गुरुग्राम, दिल्ली और पटना सहित 9 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। अगस्त महीने में कार्रवाई करते हुए ईडी ने रिशुश्री और उसके परिवार की 68.09 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क कर लिया था। फिलहाल जांच एजेंसियां डिजिटल सबूतों और बैंक खातों को खंगाल रही हैं। इस बड़े खुलासे के बाद से संबंधित सरकारी विभागों में हड़कंप मचा हुआ है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें