बिहार में मकर संक्रांति का भोज राजनीतिक खिचड़ी पकाने का एक अवसर होता है। इस बार भाजपा ने लालू प्रसाद यादव के भोज में यह कहते हुए जाने से इनकार कर दिया कि उन्हें सही तरीके से निमंत्रित नहीं किया गया है, वहीं कांग्रेस की ओर से अब तक यह साफ नहीं है कि जदयू के भोज में वह शामिल होगी या नहीं।
वैसे लालू ने दही का टीका नीतीश कुमार के माथे पर लगा कर जहां महागठबंधन के अटूट रहने का संदेेश दिया है, वहीं नीतीश कुमार ने लालू का आशीर्वाद लेकर यह भरोसा दिलाया कि कलेंडर जरूर नए साल में बदला है, लेकिन उसके अंदर की तस्वीर वक्त से पहले नहीं बदलेगी।
लालू के घर नहीं जाने के सवाल पर भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि मैं तो उनके आवास पर होने वाले दही-चूड़ा के भोज में जरूर जाता, लेकिन उन्होंने खुद फोन न करके अपने पीए से फोन करवाया। इस कारण मैंने उनके घर जाना उचित नहीं समझा।