फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीतीश के दही-चूड़ा भोज में बीजेपी को न्योते से बिगड़ा महागठबंधन का 'जायका'

Sat, 14 Jan 2017 08:13 PM IST
आशीष झा/ अमर उजाला, बिहार
विज्ञापन
विज्ञापन
बिहार में मकर संक्रांति का बहु प्रतिक्षित भोज राजनीति की खिचड़ी पकाने का एक अवसर होता है। इस वर्ष भी संक्रांति के भोज में जमकर राजनीतिक खिचड़ी पकाई जा रही है। वैसे जदयू और भाजपा की खिचड़ी से महागठबंधन का दही खट्टा हो गया है।
विज्ञापन


एक ओर जहां भाजपा ने लालू के भोज में यह कहते हुए जाने से इनकार कर दिया कि उन्हें सही तरीके से निमंत्रित नहीं किया गया है, वहीं कांग्रेस की ओर से अब तक यह साफ नहीं है कि जदयू के भोज में जाने की स्थिति साफ नहीं की। वैसे लालू ने दही का टीका नीतीश कुमार के माथे पर लगाकर जहां महागठबंधन के अटूट रहने का संदेश दिया है, वहीं नीतीश कुमार ने लालू का आशीर्वाद लेकर यह भरोसा दिलाया कि कलेंडर जरूर नए साल में बदला है, लेकिन उसके अंदर की तस्वीर वक्त से पहले नहीं बदलेगी।

सुशील मोदी ने बिहार की राजनीति में होने वाले संभावित परिवर्तन के सवाल पर कहा कि परिवर्तन संसार का नियम है, ऐसे में कब, कौन, कहां बदल जाए ये कौन जानता है। उल्लेखनीय है कि राजद प्रमुख लालू यादव के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड पर संक्रांति भोज का शनिवार को पहला आयोजन हुआ। वहीं रविवार को जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के घर दूसरा आयोजन होगा। इन दोनों आयोजनों में बिहार की आने वाली राजनीति की खिचड़ी पकने की उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

'लालू ने खुद नहीं पीए ने किया फोन'

- फोटो : social media
लालू के घर नहीं जाने के सवाल पर भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि मैं तो उनके आवास पर होने वाले दही-चूड़ा के भोज में जरूर जाता, लेकिन उन्होंने खुद फोन न करके अपने पीए से फोन करवाया। इस कारण मैंने उनके घर जाना उचित नहीं समझा।

मोदी ने कहा कि लालू जी से मेरे संबंध छात्र जीवन के दौरान से ही रहे हैं, लेकिन उन्होंने न तो खुद और न ही अपनी पत्नी या फिर बच्चों से मुझे भोज में आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि मैं और पार्टी के अन्य नेता रविवार को जदयू की तरफ से होने वाले भोज में शामिल होंगे क्योंकि उसके लिए प्रदेश अध्यक्ष ने फोन कर आमंत्रित किया है।

इधर, पत्रकारों ने जब अशोक चौधरी से जदयू के भोज में जाने के बारे में पूछा तो अशोक चौधरी ने कहा कि जाऊंगा या नहीं यह पता नहीं है। फिलहाल रविवार को मुझे सीवान के कार्यक्रम में शामिल होना है। चौधरी के तेवर देखकर यह स्पष्ट है कि कांग्रेस को जदयू के फैसले पर कड़ा ऐतराज है।

उन्होंने कहा कि जदयू ने भाजपा को क्यों न्योता दिया है इसका जवाब जदयू देगी। महागठबंधन को यह मंजूर नहीं है। पिछले दो वर्षों से भाजपा को न्योता नहीं दिया जा रहा था, अब अचानक से ऐसी क्या आवश्यकता आ गई कि भाजपा को मकर संक्रांति के भोज में न्योता भेजा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें