बिहटा में शिक्षक का पूरा परिवार इकलौते चिराग के लौटने का अंतहीन इंतजार करता रहा।
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साजिशकर्ता मुकेश पर 20 लाख का कर्ज था
अपहरण और हत्या की साजिश के मुख्य आरोपी मुकेश पर करीब 20 लाख रुपये का कर्ज था। कर्ज चुकाने का उपाय ढूढ़ते हुए उसने तुषार के अपहरण की साजिश रची। चूंकि तुषार उसे अच्छी तरह से जानता था, इसलिए आसानी से फंसाने की सोच रखते हुए उसने यह साजिश रची। इसके लिए उसने कॉल की जगह व्हाट्सएप कॉल का सहारा लिया।
अपहरण के साथ हत्या की तैयारी पहले से थी
इकलौते बेटे की वापसी के लिए अगर शिक्षक परिवार जैसे-तैसे 40 लाख रुपये फिरौती में देने के लिए जुटा भी लेता तो भी उनकी जिंदगी में रोशनी लौटने की संभावना नहीं थी। तुषार चूंकि मुकेश को ठीक से पहचानता था, इसलिए उसने अपहरण के साथ ही हत्या की प्लानिंग कर रखी थी। चाकू और पेट्रोल का इंतजाम रखने का मतलब ही है कि हत्या के बाद लाश को जलाना भी था। पटना के SSP राजीव मिश्रा ने अपराधियों को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि मुकेश ने पहले तुषार का गला दबाया, फिर चाकू से मार डाला। तुषार की लाश को बिहटा थाना क्षेत्र के ही खेदलपुरा गांव के जंगल में जला डाला था। इधर, तुषार के परिजनों से उसे वापस करने के लिए रुपयों की मांग जारी रखी गई थी। पुलिस काफी दूर तक मोबाइल लोकेशन के आधार पर ही पहुंची, फिर जली लाश मिलने के साथ मुकेश की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर उसके पीछे लगी।