सिंघम के नाम से प्रतिष्ठित आईपीएस शिवदीप लांडे बिहार छोड़ना चाहते हैं। वह अपने पैतृक राज्य महाराष्ट्र लौटना चाहते हैं। वैसे इस संबंध में उन्होंने अभी कुछ भी नहीं कहा है, लेकिन पिछले कई महीनों से वह महाराष्ट्र सरकार को मनाने में लगे हुए हैं। सूत्रों की मानें, तो महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें बुलाने का मन बना लिया है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
लांडे के ससुर और महाराष्ट्र सरकार में जल संसाधन मंत्री विजय शिवतारे खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास इनकी पैरवी कर रहे हैं। 2006 बैच के आईपीएस लांडे अपनी पहली पोस्टिंग मुंगेर से ही सुर्खियों में रहे हैं। उन्हें कई बार प्रशंसा मिली, तो कई बार आलोचना का शिकार भी होना पड़ा है। लांडे को सबसे ज्यादा आलोचना तब झेलनी पड़ी, जब वह पटना के एसपी थे और उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक दारोगा को मीडिया के सामने सरे राह रिश्वत लेते पकड़ा था, लेकिन बाद में पता चला कि वह ऑपरेशन गलत था। लांडे से सबसे ज्यादा परेशान खनन और रोड माफिया हैं।
दरअसल रोहतास-औरंगाबाद-कैमूर में खनन और रोड माफिया का छत्ता बड़ा पुराना है। इस छत्ते में सभी दलों के लोग शामिल हैं। अभी राजद का हल्ला है, तो कभी भाजपा का शोर था। संदीप लांडे जब रोहतास के एसपी बने, तो उन्होंने भी इस खेल को उजाड़ने में कसर नहीं छोड़ी। पुलिस महकमे में सब को पता है कि रोहतास एसपी के पद से 2015 में लांडे की विदाई कैसे हुई थी।