Bihar : कांग्रेस के वरिष्ट नेता शकील अहमद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाते हुए
श्री राम मन्दिर के प्राण प्रतिष्ठा पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पत्नी होने बाद बिना पत्नी के पूजा करना हिंदू धर्म के सिद्धांत के खिलाफ है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सह कांग्रेस के वरिष्ट नेता शकील अहमद ने श्री राम मन्दिर पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पत्नी होने बाद बिना पत्नी के पूजा करना हिंदू धर्म के सिद्धांत के खिलाप है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की जब प्राण प्रतिष्ठा होगी तो इसको लेकर विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कोर्ट के आदेश से हुआ है उस तरह से सरकार अपना काम कर रही है। लेकिन मै कुछ देख रहा हूं शंकराचार्य जी और धार्मिक लोग इसको तरह तरह के एंगल से कह रहे हैं।
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देश माफ नहीं करेगा
कांग्रेस के वरिष्ट नेता शकील अहमद ने शंकरचार्य के द्वारा दिए गये बयान पर कहा कि मुझे धर्म के बारे में पूरी जानकारी नहीं है लेकिन जो कहते हैं कि पत्नी के जीवित रहते हुए अकेले कोई पूजा नही हो सकती, इस तरह की बात हिंदू धार्मिक संत जो हैं यह उनके तय करने की चीज है। ये मेरे या किसी बाहरी व्यक्ति की तय करने की चीज नहीं है। वहीं उन्होंने कहा कि भाजपा वोट बैंक की राजनीति करती है। मगर फिर कहूंगा कि यह बहुत ही पवित्र और धार्मिक अवसर है और इसको भाजपा वाले या कोई भी किसी तरह का विवाद करेंगे या करने की कोशिश करेंगे तो ये बात देश में छुपती नहीं है। बात जन मानस में आ ही जाती है। तो अगर भाजपा वाले इस तरह की कोई हरकत करते हैं तो देश उनको माफ नहीं करेगा।
क्या कहा था शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर विवादित बयान दिया था। इसको लेकर पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने एक धार्मिक कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रामलला की मूर्ति को छूएं और वह वहां खड़े होकर ताली बजाएं, यह उनकी गरिमा के खिलाफ है।