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छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज में बवाल: छात्राओं का आरोप- आधी रात कमरे में घुसे ड्राइवर-गार्ड, की बदसलूकी

Thu, 06 Aug 2026 10:13 AM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण

सार

Bihar News: छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्राओं ने प्रिंसिपल के ड्राइवर और गार्ड पर आधी रात गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में घुसकर बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। इस घटना और छात्रावास की अन्य समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया।
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हंगामा करते महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रावास की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों पर लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर सोमवार को एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के सामने छात्र-छात्राओं ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल के ड्राइवर सह विद्युतकर्मी नीरज कुमार और एक गार्ड आधी रात को गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में घुस गए और उनके साथ बदसलूकी करते हुए कमरे का सामान बाहर फेंकने लगे। छात्राओं का कहना है कि यह कार्रवाई सिंगल रूम को डबल ऑक्यूपेंसी में बदलने के विवाद के दौरान हुई।

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'गर्ल्स हॉस्टल में पुरुषों की एंट्री प्रतिबंधित'
छात्राओं ने कहा कि गर्ल्स हॉस्टल में पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित है। यहां तक कि उनके अभिभावकों को भी हॉस्टल के कमरे तक आने की अनुमति नहीं होती। इसके बावजूद, उनका आरोप है कि आधी रात को प्रिंसिपल के ड्राइवर सह विद्युतकर्मी नीरज कुमार और गार्ड कमरे में घुस गए तथा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

कर्मचारी पर गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि नीरज कुमार पर पहले भी महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में आरोप लग चुके हैं और वह एक मामले में नामजद आरोपी भी रह चुका है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। छात्रों का कहना है कि ऐसे व्यक्ति का छात्राओं के हॉस्टल में जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
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'बीमार छात्रा को नहीं मिली मदद'
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने आरोप लगाया कि एक छात्रा की तबीयत खराब होने पर उसे समय पर मदद नहीं मिली। छात्रा गीतांजलि ने दावा किया कि उनकी तबीयत बिगड़ने के बावजूद कोई महिला स्टाफ मदद के लिए नहीं आई। उन्होंने कहा कि केवल धर्मेंद्र सर और हरिशंकर सर ने सहयोग किया। छात्रा का आरोप है कि प्रिंसिपल ने उनकी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया।

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मानसिक उत्पीड़न और धमकी के आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना के कमरे बदले जा रहे हैं, बीमार छात्रों की मदद नहीं की जाती और शिकायत करने पर निष्कासन तथा ब्लैक डॉट देने की धमकी दी जाती है। खबर लिखे जाने तक इन आरोपों पर कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

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