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Bihar: मोकामा रेफरल अस्पताल बना 'हादसों का घर'! मरीजों-डॉक्टरों पर गिर रही छत, डर के साए में हो रहा इलाज

Thu, 06 Aug 2026 09:19 AM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News: मोकामा रेफरल अस्पताल की जर्जर इमारत को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। अस्पताल में छत और छज्जे का प्लास्टर गिरने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक मरम्मत नहीं कराई गई।
 
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जर्जर हाल में मोकामा अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार सरकार चाहे जितने दावे करे, लेकिन बिहार के सरकारी अस्पताल अस्पताल कम और पोस्टमार्टम हाउस अधिक नजर आते हैं। स्थिति यह है कि कभी छत की परतें टूटकर मरीजों पर गिर रही हैं तो कभी डॉक्टरों पर। कहीं छज्जा गिर रहा है तो कहीं प्लास्टर टूटकर लोगों को घायल कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के दावे सवालों के घेरे में हैं और मरीज, डॉक्टर तथा स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर इलाज कराने और करने को मजबूर हैं। मामला मोकामा के रेफरल अस्पताल का है, जिसकी इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।
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एक साल पहले दी थी चेतावनी, फिर भी नहीं जागा विभाग
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वैद्यनाथ कुमार ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले ही उन्होंने भवन की जर्जर स्थिति से संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया था। उन्होंने बताया कि उस समय एक मुखिया के परिजन इलाज के लिए आए थे, तभी उनके ऊपर छज्जा टूटकर गिर गया था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

मरीजों और कर्मचारियों पर गिर रहा प्लास्टर
डॉ. वैद्यनाथ कुमार ने बताया कि आए दिन छत का प्लास्टर टूटकर मरीजों और कर्मचारियों पर गिरता रहता है। हाल ही में एक एक्स-रे टेक्नीशियन भी घायल हो गया। उन्होंने कहा कि वेटिंग एरिया में हर समय मरीज और परिजन बैठे रहते हैं, जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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बारिश में और बदतर हो जाती है स्थिति
अस्पताल प्रशासन के अनुसार बारिश शुरू होते ही हालात और खराब हो जाते हैं। छत से कई जगहों पर पानी टपकता है और पानी सीढ़ियों से होते हुए ओपीडी तथा वार्ड तक पहुंच जाता है। इससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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एक्स-रे टेक्नीशियन ने क्या बताया?
अस्पताल के एक्स-रे टेक्नीशियन ने बताया कि छत का प्लास्टर पहले भी उनके सिर पर गिर चुका है, जिससे उनका सिर फूट गया था। उनका कहना है कि अस्पताल की स्थिति बेहद खतरनाक हो चुकी है और समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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