फिर से काम करने लगेगा जगतौली ओपी
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2004 में भोरे थाना क्षेत्र के कोइरीगांवा गांव में यादव जाति के लोगों नरसंहार हो गया था। इसके बाद परिजनों से मिलने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने लोगों की मांग पर जगतौली ओपी का उद्घाटन किया था। बाद में उसके भवन का शिलान्यास 24 जनवरी 2004 को राबड़ी देवी ने किया था। भवन बनने के बाद ओपी काम करने लगा। लेकिन उसके बाद इसे पुलिस पिकेट का दर्जा दे दिया गया। इधर, जगतौली पंचायत के अशोक शाह ने आमलोगों की मांग पर ओपी की जीर्ण शीर्ण हो चुके भवन का जीर्णोद्धार कराया।
एसपी ने फीता काटकर किया जीर्णोद्धार हुए भवन का उद्घाटन
जगतौली ओपी के भवन का उद्घाटन करने गोपालगंज के एसपी स्वर्ण प्रभात भोरे पहुंचे। जहां उनके द्वारा फीता काटकर भवन का उद्घाटन किया गया। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भोरे थाने से जगतौली ओपी की दूरी 12 किलोमीटर है। यह इलाका यूपी के बॉर्डर से सटा हुआ है। अपराधी अपराध कर आसानी से फरार हो जाते हैं। यह ओपी कुछ समय से मृत पड़ा हुआ था।
जिसके भवन का आज उद्घाटन किया गया। एसपी ने स्थानीय मुखिया अशोक साह, पंचायत सचिव संदीप कुमार एवं जेई प्रीति कुमारी को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि बहुत कम समय में इसका जीर्णोद्वार आपलोगों की मेहनत का नतीजा है। इसके बाद इसे फिर से शुरू करने के लिए मुखिया अशोक शाह ने एसपी को एक ज्ञापन भी सौंपा। जिस पर एसपी ने कहा कि इस ओपी के तहत आम लोगों को अपने छोटे-मोटे समस्याओं को लेकर अब भोरे थाना में जाने की जरूरत नहीं होगी। लोगों का मामला ओपी में ही दर्ज किया जाएगा और पुलिस अधिकारियों के द्वारा मामले का त्वरित निष्पादन किया जाएगा।
एसआई रैंक के पदाधिकारी रहेंगे तैनात
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि इस ओपी के प्रभारी एसआई रैंक के अधिकारी होंगे। इनके अलावा चार होमगार्ड के सिपाही यहां पर तैनात होंगे। पुलिस के द्वारा दूरदराज के इलाके में पेट्रोलिंग करने के साथ अपराधियों पर अंकुश लगाने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यहां पर आम आदमी अपने छोटे-मोटे समस्याओं को लेकर आवेदन दे सकेंगे। इस आवेदन के जरिए उनका मामला ओपी से ही निपटा दिया जाएगा। अब इस इलाके के आम लोगों को छोटे छोटे मामलों में थाना में जाने की जरूरत नहीं होगी।