बिहार के सारण जिले के बनियापुर प्रखंड अंतर्गत हरपुर कराह पंचायत के वार्ड संख्या-04 की निवासी शारदा देवी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज गलत उम्र के कारण पेंशन से वंचित हैं। दस्तावेजों में उनकी जन्मतिथि 01-01-1922 दर्ज है, जिससे उनकी उम्र 104 वर्ष दिखाई जा रही है, जबकि वास्तविक उम्र 60 से 65 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इसी विसंगति के चलते उन्हें न तो वृद्धजन पेंशन मिल रही है और न ही विधवा पेंशन का लाभ।
स्वर्गीय संतलाल साह की पत्नी शारदा देवी पिछले कई वर्षों से पंचायत भवन से लेकर प्रखंड कार्यालय तक चक्कर लगा रही हैं, लेकिन हर बार कागजों में दर्ज ‘104 साल’ उनकी राह में बाधा बन जाता है। विडंबना यह है कि कागजों पर एक सदी पार कर चुकी महिला आज भी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रही है।
शारदा देवी का आरोप है कि उम्र सुधार के नाम पर कुछ लोगों ने उनसे पैसे की मांग भी की। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह किसी प्रकार का भुगतान करने में असमर्थ हैं। फिलहाल उनके पास केवल राशन कार्ड का सहारा है, जिससे उन्हें मासिक अनाज मिल जाता है।
परिवार में एक दिव्यांग बेटा है और चार बेटियां हैं
करीब आठ वर्ष पहले उनके पति का निधन हो चुका है। परिवार में एक दिव्यांग बेटा है और चार बेटियों में से एक की शादी अभी बाकी है। ऐसे में पेंशन न मिलना उनके लिए गंभीर समस्या बन गया है। इस संबंध में बनियापुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी रमेंद्र कुमार ने कहा कि उन्हें इस मामले की पूर्व में जानकारी नहीं थी। महिला से संपर्क कर मामले की जांच कराई जाएगी और पात्रता के अनुसार लाभ दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
10 हजार रुपये की सहायता राशि भी नहीं मिल सकी
यह मामला सरकारी तंत्र की खामियों और संवेदनहीनता को उजागर करता है, जहां एक साधारण त्रुटि सुधार न होने के कारण पात्र लाभार्थी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।