गंडक नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से बिहार के गोपालगंज जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। नदी के उफान से जिले के तटीय और दियारा इलाकों में तबाही मची हुई है। सदर, बैकुंठपुर, कुचायकोट, मांझा, बरौली और सिधवलिया प्रखंडों की 20 से अधिक पंचायतों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। निचले और दियारा क्षेत्रों के 30 से अधिक गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। इससे करीब 25 हजार की आबादी जलजमाव, आवागमन ठप होने और विस्थापन के संकट का सामना कर रही है।
वहीं, मुख्य सारण तटबंध पर मुंजा मटियारी के पास पानी का अत्यधिक दबाव बना हुआ है। कई स्थानों पर रैट होल और पानी के रिसाव की शिकायतें मिली हैं। इसके बाद जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और बालू से भरी बोरियां डालकर तटबंध को कटाव से बचाने का काम शुरू किया।
जल संसाधन विभाग के कनीय और सहायक अभियंता पैदल और बाइक से तटबंधीय इलाकों का जायजा ले रहे हैं। इसके साथ ही मंगलपुर पुल और पताहरा छरकी के पास चल रहे कटावरोधी कार्यों की भी लगातार निगरानी की जा रही है।
राहत और बचाव कार्य में जुटी प्रशासन की टीमें
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की दर्जनों नावें तैनात की गई हैं। अनुमंडल पदाधिकारी और अंचलाधिकारी खुद दियारा इलाकों का दौरा कर रहे हैं।
लाउडस्पीकर के माध्यम से माइकिंग कराकर निचले इलाकों में रह रहे लोगों से जल्द से जल्द ऊंचे स्थानों और तटबंधों पर जाने की अपील की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि तटबंधों पर शरण लिए बाढ़ पीड़ित परिवारों को सूखा राशन, पीने का पानी और प्राथमिक चिकित्सा जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।