लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' सोमवार को बिहार के सीवान लोकसभा क्षेत्र में पहुंचा। यहां सुबह चाय पर चर्चा में आम मतदाताओं के मुद्दे जाने गए। वहीं, अब दोपहर में युवाओं से चर्चा में उनके मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
सीवान में डीएवी मोड़ के पास अमर उजाला से बात करते हुए एक मतदाता ने कहा कि एशिया का सबसे बड़ा बिंदी का कारोबार सीवान के लोग करते थे, सिंगार का काम था, वह सारा यहां खत्म हो गया। दलमंडी खत्म हो गई। सीवान की तीन-तीन चीनी मिल बंद हो गईं। लेकिन कोई भी नेता जीत रहा है वह उस पर काम नहीं कर रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है सीवान के लिए।
एक अन्य मतदाता अहमदी इस्माइल ने कहा कि युवाओं के लिए यहां कोई रोजगार नहीं है। यहां पर कोई नेता रोजगार पर बात नहीं करता है, सिर्फ हिंदू-मुस्लिम पर बात करते हैं, जातियों की बात होती है। जो जिस जाति का नेता रहता है वह उस जाति की बात करता है। कोई विकास की बात नहीं होती है, कोई मुद्दे की बात नहीं होती है। हम रोजगार और विकास के मुद्दे पर वोट करेंगे।
वहीं, अशरफ ने कहा कि 15 साल से सीवान में कोई विकास नहीं हुआ। चाहे वह जदयू के प्रत्याशी हो या बीजेपी के उम्मीदवार हों, पार्टी यहां कुछ काम नहीं करती है। जो भी काम हुआ है यहां पर, वह पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन ने किया है। यह हकीकत है। उन्होंने कहा कि इस बार यहां के लोगों ने हिना शहाब को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर उठाया है।