बीते कुछ समय से अनिल के पिता गांव में रह रहे थे। मौत की खबर के बाद बेसुध अवस्था में ही यमुना नगर से शुक्रवार को गांव पहुंचे। जबकी अनिल का शव शनिवार को दिल्ली से गांव पहुंचा। शव के साथ पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष मुकेश पांडेय और रंजीत तिवारी ने भी पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिया। पत्नी प्रियंका और माता आदरमती देवी रह-रह कर बेहोश हो जा रही थी।
जानकारी के अनुसार, अनिल कुवैत के मांगफ शहर में एनबीटीसी कंपनी में श्रमिक के रूप में फेब्रिकेशन का काम करता था। अनिल अपने पीछे बुजुर्ग माता-पिता के साथ पत्नी प्रियंका, 13 वर्षीय बेटी महक और सात वर्षीय बेटे मन्नत को छोड़ कर चले गए। पूरा परिवार अनिल की कमाई पर ही निर्भर था। अनिल के एक बड़े भाई राजेश गिरि हैं जो अपने परिवार के साथ नोएडा में रह कर जॉब करते हैं और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।