सामाजिक न्याय सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि हमारे संविधान की चेतना और आत्मा है। जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय नहीं पहुंचेगा, तब तक लोकतंत्र अधूरा रहेगा। उक्त बातें पूर्व मंत्री व विधायक जितेंद्र कुमार राय ने गोपालगंज विधानसभा में आयोजित सामाजिक न्याय परिचर्चा को संबोधित करते हुए कही।
राय ने कहा कि सामाजिक न्याय और समाजवाद राजद की नींव है। लालू प्रसाद यादव ने अपने शासन काल में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को संवैधानिक और राजनीतिक हिस्सेदारी दिलाई, जिसके तहत विधानसभा और लोकसभा में दलितों, पिछड़ों और वंचितों को उचित भागीदारी दी गई। उन्होंने कहा कि आज संविधान खतरे में है, केंद्र सरकार आरक्षण को समाप्त कर वंचितों के अधिकार को छीनना चाहती है, जिसे राजद किसी भी सूरत में होने नहीं देगा।
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परिचर्चा को संबोधित करते हुए राजद के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि आज जब आपसी विषमता, जातीय भेदभाव और शैक्षणिक अवसरों की असमानता गहराती जा रही है। ऐसे में सामाजिक न्याय का विचार केवल प्रासंगिक नहीं बल्कि अनिवार्य बन जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार, प्रतिनिधित्व और संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण के बिना सामाजिक न्याय की अवधारणा अधूरी है। उन्होंने राजद कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि सामाजिक न्याय के विरोधियों के खिलाफ असली लड़ाई गांव, मोहल्ले और गली-चौराहों तक लड़नी होगी।
राजद के प्रधान महासचिव इम्तेयाज़ अली भुट्टो ने विषय वस्तु पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। गोपालगंज विधानसभा से राजद के पूर्व प्रत्याशी रहे मोहन प्रसाद गुप्ता ने अतिथियों को अंगवस्त्र देकर उन्हें सम्मानित किया। परिचर्चा कार्यक्रम की अध्यक्षता थावे के प्रखंड अध्यक्ष रंजीत यादव तथा संचालन जिला उपाध्यक्ष पिंटू पांडेय ने की। पार्टी पदाधिकारियों को राजद के राष्ट्रीय सचिव संजय ठाकुर, शिक्षक प्रकोष्ठ वके प्रदेश अध्यक्ष कुंवर राय, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश प्रधान महासचिव सुनीता भारती, युवा राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष सूरज दास तथा छात्र राजद के अमरेंद्र कुमार ने प्रशिक्षित किया।
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इस अवसर पर सुरेश चौधरी, बिट्टू चौरसिया, सुमन यादव, सुनीता यादव, मोहित गुप्ता, प्रदीप देव, मो सोनू, रबिन्द्र महतो, मो असलम, रवि गुप्ता, प्रदीप चौहान, विशाल सिंह भूमिहार, रहमत अली, मो सहजाद, बजरंग प्रसाद गुप्ता तथा राकेश यादव आदि उपस्थित रहे।