शव घर पहुंचते ही ग्रामीणों की भीड़ जुटी
- फोटो : Amar Ujala
केरल के वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन में जान गंवाने वाले सारण जिले के तरैया प्रखंड के भटगाई गांव निवासी 30 वर्षीय मो. इमरान का शव रविवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचा। पांच दिनों के लंबे इंतजार के बाद जैसे ही एंबुलेंस गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों की चीख-पुकार और मासूम बेटी को गोद में लिए पत्नी की हालत देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। मृतक की पत्नी शबनम खातून छह माह की दुधमुंही बच्ची को गोद में लेकर बेसुध हो गईं। वहीं, वृद्ध माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के लोगों ने भी गहरे दुख के साथ मो. इमरान को अंतिम विदाई दी।
रोजगार की तलाश में गए थे केरल
परिजनों के अनुसार, मो. इमरान करीब दो महीने पहले रोजी-रोटी की तलाश में केरल के वायनाड गए थे। वहां वह एक सड़क निर्माण कंपनी में पोकलेन मशीन चालक के रूप में कार्यरत थे। बीते सप्ताह लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण निर्माण स्थल पर भीषण भूस्खलन हुआ, जिसमें कई मजदूर मलबे में दब गए। सेना और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। करीब 48 घंटे की मशक्कत के बाद 9 जुलाई को सेना ने मलबे से मो. इमरान का शव बरामद किया।
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद गांव पहुंचा शव
पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव को विमान के जरिए पटना लाया गया। वहां से रविवार सुबह एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव भटगाई पहुंचाया गया। शव के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक अंतिम दर्शन के लिए जुट गए।
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जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
शोकाकुल परिवार से मिलने वालों में मुखिया ओम प्रकाश कुमार, सरपंच संघ के प्रदेश महासचिव सुनील कुमार तिवारी, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह 'विक्कू', भाजपा नेता शेखर सिंह, बीडीसी प्रतिनिधि मो. सनाउल्लाह, जदयू नेता सुशील सिंह, जिला पार्षद हरिशंकर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल रहे। सभी ने परिजनों को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक
रविवार शाम जनाजे की नमाज अदा किए जाने के बाद मो. इमरान को उनके पैतृक गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।