सार
मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने वीडियो को राजनीतिक साजिश बताया, जबकि अभियोजन ने हथियार प्रदर्शन और अश्लील डांस का आरोप लगाया है।
मोकामा विधायक अनंत सिंह और गुंजन सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर मामले में बुधवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। जिला जज राजेंद्र पांडेय की अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजर कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है।
कई वकील ने रखा पक्ष
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश दीक्षित समेत कई वकीलों ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को गलत तरीके से पेश किया गया है और यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। वकीलों ने दावा किया कि जिस वीडियो में अनंत सिंह दिखाई दे रहे हैं, उसमें कहीं भी अश्लील मुजरा नहीं हो रहा है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि जिस दूसरे वीडियो में अश्लील गानों पर डांस और हथियारों का प्रदर्शन दिख रहा है, वहां विधायक अनंत सिंह मौजूद नहीं थे। वहीं, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह भी विधायक के साथ ही थे, इसलिए उनके खिलाफ लगाए गए आरोप भी निराधार हैं।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
दूसरी ओर अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला लोक अभियोजक देव वंश गिरी उर्फ भानु गिरी ने अदालत को बताया कि मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित जनेऊ कार्यक्रम में विधायक अनंत सिंह अपने समर्थकों और गायक गुंजन सिंह के साथ पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, 2 और 3 मई को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में अश्लील गानों पर डांस के साथ हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन किया जा रहा था। वीडियो में दिख रहे हथियार प्रतिबंधित श्रेणी के हो सकते हैं, जिसकी जांच जारी है। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि वीडियो और हथियारों की प्रमाणिकता की पुष्टि के लिए एफएसएल जांच कराई जा रही है।
फिलहाल अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब यह देखना अहम होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या निर्णय सुनाती है।