गोपालगंज के मांझा प्रखंड में शिक्षिका खुशबू कुमारी के योगदान पर विवाद के बीच उनके खाते में 17.49 लाख रुपये एरियर भुगतान का मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है।
गोपालगंज जिले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मांझा प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, रूपनछाप कर्णपुरा में शिक्षिका खुशबू कुमारी की नियुक्ति और योगदान को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि बिना वैध योगदान के ही उनके बैंक खाते में वेतन एरियर के रूप में 17 लाख 49 हजार 507 रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। यह राशि बीते 26 मई को उनके खाते में भेजी गई थी। मामला उजागर होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
बिना नियुक्ति और योगदान के कैसे हुआ लाखों का भुगतान?
दस्तावेजों और पंचायत स्तर पर भी गड़बड़ी की पुष्टि
सुनवाई से गायब रहीं शिक्षिका
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीओ स्थापना विनय कुमार सुमन ने शिक्षिका खुशबू कुमारी को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था। पटना हाईकोर्ट के 12 जनवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में डीपीओ कार्यालय द्वारा 21 सितंबर से सुनवाई शुरू की गई थी। शिक्षिका से नियोजन से जुड़े सभी मूल दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि 7 अक्टूबर तय की गई थी, लेकिन वह नियत समय पर सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच चल रही है। जांच पूरी होने और इस प्रकरण में संलिप्त दोषियों की पहचान होने के बाद सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।