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बिहार: संसद जाने से पहले हिरासत में लिए गए राजद सांसद, लोकसभा अध्यक्ष से क्या गुहार लगाई?

Tue, 27 Oct 2026 12:59 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बक्सर

सार

राजद सांसद सुधाकर सिंह ने नवादा में हिरासत में लिए जाने को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। उन्होंने संसदीय विशेषाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए जांच, अधिकारियों से रिपोर्ट और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

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फोटो नवादा के अकबरपुर में हिरासत में बक्सर सांसद फोटो लोकसभा अध्यक्ष को लिखा गया पत्र
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विस्तार
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बक्सर के राजद सांसद सुधाकर सिंह ने नवादा में हिरासत में लिए जाने के मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। उन्होंने लोकसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम 222 और 223 के तहत विशेषाधिकार प्रश्न की सूचना देते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सांसद ने आरोप लगाया है कि बिहार पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर संसद के चालू सत्र में शामिल होने से रोकने की कोशिश की है।

सांसद के पत्र के अनुसार, 26 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे नवादा टाउन में जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक के आदेश एवं पर्यवेक्षण में कार्य कर रही पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें नवादा में ही रखा गया और हिरासत के संबंध में अब तक एफआईआर, गिरफ्तारी मेमो, निरुद्धि आदेश या लिखित आधार उपलब्ध नहीं कराया गया है।

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दिल्ली जाने के लिए था ट्रेन का आरक्षण
सुधाकर सिंह ने पत्र में बताया है कि संसद के सत्र में शामिल होने के लिए उनका 26 अक्टूबर को शाम 7:30 बजे पटना जंक्शन से नई दिल्ली जाने वाली तेजस राजधानी एक्सप्रेस में आरक्षण था। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली रवाना होने के निर्धारित समय से कुछ घंटे पहले हिरासत में लिया जाना उनके संसदीय दायित्वों में बाधा डालने का संकेत है।

नियम 229 का पालन नहीं होने का आरोप
सांसद ने लोकसभा की नियमावली के नियम 229 का हवाला देते हुए कहा है कि किसी सांसद को गिरफ्तार या निरुद्ध किए जाने की स्थिति में संबंधित प्राधिकारी को लोकसभा अध्यक्ष को इसकी सूचना देनी होती है। उनके अनुसार, इस संबंध में अब तक ऐसी कोई सूचना नहीं भेजे जाने की जानकारी है। उन्होंने इसे संसदीय विशेषाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का अनुरोध किया है।
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कार्रवाई को बताया प्रतिशोधात्मक
पत्र में सुधाकर सिंह ने दावा किया है कि वह बिहार पुलिस की कार्यशैली से जुड़े कई सार्वजनिक महत्व के मुद्दे सदन और पटना हाईकोर्ट में उठाते रहे हैं। इनमें भारत भूषण तिवारी मुठभेड़ से संबंधित CWJC संख्या 11789/2026 का मामला भी शामिल है। उन्होंने आशंका जताई है कि वर्तमान कार्रवाई उन्हें चुप कराने के उद्देश्य से की गई है।

सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष से बिहार सरकार के माध्यम से नवादा के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट तलब करने, हिरासत के कानूनी आधार की जानकारी लेने तथा उन्हें तत्काल दिल्ली जाकर संसद की कार्यवाही में शामिल होने में सक्षम बनाने का अनुरोध किया है। उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की भी मांग की है। हालांकि, सांसद द्वारा पत्र में लगाए गए आरोपों और हिरासत के संबंध में संबंधित जिला प्रशासन एवं पुलिस का पक्ष इस विवरण में उपलब्ध नहीं है।

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