सीवान जदयू के पूर्व विधायक हेम नारायण साह पर कोर्ट ने एक मामले में सख्ती करते हुए कुर्की का आदेश जारी कर दिया ,जिसके बाद यह चर्चा का विषय बना हुआ है। सीवान के पूर्व जदयू विधायक हेम नारायण साह के खिलाफ कोर्ट ने 2002 के एक मारपीट और लूटपाट मामले में सख्त रुख अपनाते हुए उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया है। आरोपी लंबे समय से कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहे थे, जिस कारण विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने यह कार्रवाई की है।
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2002 के मामले में गंभीर आरोप
पूरा मामला वर्ष 2002 का है, जिसमें हेम नारायण साह पर आरोप है कि उनके इशारे पर 10 लोगों ने एक पक्ष के घर में घुसकर जमकर मारपीट की और राइफल, गोलियां व नगदी लूट ली। इस मामले में केस संख्या 418/2002 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पूर्व विधायक हेम नारायण साह इस मामले में कोर्ट में कई वर्षों से हाजिर नहीं हो रहे थे। अदालत ने कई बार समन और गैर-जमानती वारंट जारी किया, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट के न्यायाधीश अरविंद कुमार सिंह ने अभियुक्तों की अनुपस्थिति पर नाराज़गी जताते हुए उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश पारित किया। साथ ही, उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए इश्तेहार भी चिपकाने का निर्देश दिया गया है। थाना प्रभारी पर भी अभियुक्तों को कोर्ट में प्रस्तुत न करने को लेकर पहले शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने पर अब कोर्ट ने संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।