सीवान में एक दिन में टूटे तीन पुल
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, पुल टूटने की दूसरी घटना महराजगंज प्रखंड के तेवता पंचायत के नवतन और सिकंदरपुर स्थित बने पुल की है जो बीच से टूट गया। जैसे ही यह खबर ग्रामीणों को लगी वे वहां इकट्ठा हो गए और दोनों तरफ से बांस लगाकर रास्ते को बंद किया। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही इसका चौड़ीकरण किया गया था, जिसमें ज्यादा मिट्टी काट दी गई। इसलिए पाया जमीन में धंस गया, पानी के तेज बहाव को नहीं सह सका और पुल धराशायी हो गया। इससे भी दर्जनों गांव प्रभावित हैं। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ पांच वर्ष पहले ही बनाया गया था तो इतनी जल्दी क्यों टूट गया?
सीवान में एक दिन में टूटे तीन पुल
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इसके अलावा पुल गिरने की तीसरी घटना ने सबको झकझोर दिया है। यह पुल भी महराजगंज प्रखंड के धमही गांव में स्थित गंडक नदी पर बना हुआ था। देखते ही देखते यह पुल भी धराशायी हो गआ। एक-एक कर तीन पुल गिरने के बाद गंडक विभाग के कर्मचारी और जिला प्रशासन मौके पर पहुंच कर जरूरी उपाय में जुट गए हैं। सवाल यह है कि इन घटनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा। जिस तेजी से एक-एक कर पुल गिर रहे हैं, अगर वक्त रहते इन पर ध्यान दिया गया होता या मरम्मत का काम कराया गया होता तो इन घटनाओं से बचा जा सकता था।
सीवान में लगातार तीन पुल गिरने से विभाग में हड़कंप मच गया है। इस पूरे मामले पर सीवान जिलाधकारी मुकुल कुमार गुप्ता ने गंडक विभाग के कर्मचारियों से बात भी की। साथ ही उन्होंने बताया कि जल्द ही नया पुल बनाया जाएगा।