सारण जिले के मशरख थानाक्षेत्र में जहरीली शराब पीने से एक युवक की मौत हो गई है, जबकि दो अन्य युवक अपनी आंखों की रोशनी गंवाने की दहलीज पर खड़े हैं। सीवान और सारण के सीमावर्ती इलाके में यह घटना तब घटी जब सस्ती देशी शराब के चक्कर में तीन युवकों ने नकली और जहरीली शराब का सेवन किया। यह शराब नौशादर मिलाकर बनाई गई स्प्रिट बताई जा रही है, जो बेहद खतरनाक साबित हुई।
घटना में गंभीर रूप से प्रभावित शमशाद अंसारी और मुमताज को छपरा सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत को गंभीर बताया है। अस्पताल में भर्ती शमशाद ने बताया कि सस्ती शराब पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे देखने में कठिनाई हो रही है। मुमताज ने भी यही बताया कि उसके चचेरे भाई ने कहीं से देशी शराब खरीदी थी, जिसे पीने के बाद उसकी हालत भी बिगड़ गई।
मौत और गंभीर हालत की सूचना
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह तीनों युवकों की तबीयत खराब होने लगी, जिसके बाद गांव में ही चोरी-छिपे उनका इलाज कराने की कोशिश की गई। जब स्थिति नहीं सुधरी, तो दो युवकों को मशरख सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल छपरा रेफर कर दिया गया। एक युवक की मौत पहले ही हो चुकी थी, जबकि अन्य दो की हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों ने बताया कि जहरीली शराब के सेवन से उनकी आंखों की रोशनी जाने का खतरा है।
शराब में मिले खतरनाक रसायन
सदर अस्पताल के डॉक्टर नवनीत कुमार ने बताया कि दोनों मरीजों को बेचैनी और आंखों से धुंधला दिखाई देने की समस्या हो रही है। यह जहरीली शराब में मिले खतरनाक रसायनों जैसे मेथनॉल और फॉरमल्डिहाइड के कारण हुआ है, जो न केवल आंखों की रोशनी छीन सकते हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। इस तरह की मिलावटी शराब पीने से चक्कर, उल्टी, सांस लेने में दिक्कत और धुंधला नजर आने जैसे लक्षण दिखते हैं।
चचेरा भाई लेकर आया था सस्ती और देशी शराब
एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार ने जानकारी दी कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शराब गांव के एक चचेरे भाई द्वारा लाई गई थी और तीनों ने मिलकर इसका सेवन किया। अधिक मात्रा में शराब पीने से उनकी हालत गंभीर हो गई। इस घटना की जांच जारी है और संबंधित अधिकारियों ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है समस्या की जड़
ग्रामीण क्षेत्रों में जहरीली शराब पीने की घटनाएं आम होती जा रही हैं, जहां सस्ती और अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। सरकार के प्रयासों के बावजूद, जागरूकता की कमी और सस्ती शराब की उपलब्धता इस तरह की घटनाओं का प्रमुख कारण बनी हुई हैं।