राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने रविवार को सीवान जिले का दौरा किया, जहां उन्होंने अहमद गनी नगर स्थित जेडए इस्लामिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय में नव-निर्मित विज्ञान भवन का उद्घाटन भी किया। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रमेन्द्र कुमार बाजपेयी भी मौजूद रहे।
जेडए इस्लामिया कॉलेज, जेपी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एकमात्र मुस्लिम अल्पसंख्यक महाविद्यालय है। इस कारण कार्यक्रम के दौरान कई वक्ताओं ने बार-बार ‘अल्पसंख्यक’ और ‘अकिलियत’ जैसे शब्दों का उल्लेख किया। इस पर राज्यपाल ने अपने 25 मिनट के भाषण में तीखा लेकिन तथ्यपरक दृष्टिकोण सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कह कि भारतीय संविधान और किसी भी कानून में ‘अल्पसंख्यक’ को कोई विशेष अधिकार नहीं दिया गया है। देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हैं। हमें अपने अधिकारों को कृपा नहीं, अधिकार की तरह स्वीकार करना चाहिए।
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राज्यपाल ने अपने भाषण को उर्दू और फारसी शायरी से भी सजाया और श्रोताओं से शिक्षा, आत्मसम्मान और सामाजिक एकता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को जाति, धर्म या वर्ग के नाम पर बांटने का परिणाम हमेशा नुकसानदेह रहा है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम पहले ही जातिगत और सांप्रदायिक विभाजन की भारी कीमत चुका चुके हैं। अब समय है एक ऐसी चेतना की शुरुआत का, जिसमें हम विविधताओं को सम्मान दें, न कि विभाजन का माध्यम बनाएं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक और शहर के गणमान्य लोग उपस्थित थे। कॉलेज प्रशासन और छात्रों ने राज्यपाल के विचारों की सराहना की और इसे सामाजिक समरसता और शैक्षणिक चेतना की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया।