एसपी से मिलने पहुंचे परिजन और ग्रामीण
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बिहार के सारण में विगत दिनों अधिवक्ता पिता-पुत्र की गोली मार कर हत्या किए जाने के मामले में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे नाराज परिजनों ने स्थानीय मुफस्सिल थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से मिलकर आवेदन दिया है। गौरतलब है कि विगत एक सप्ताह पहले सुबह को पिता और पुत्र एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर व्यवहार न्यायालय छपरा जा रहे थे। तभी अज्ञात अपराधियों ने गोलियों से छलनी कर दिया था।
सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष को आवेदन देने वालों में परिजनों के साथ ही दर्जनों स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद थे। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में अधिवक्ता पिता-पुत्र की हत्या में अभी तक मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने एसपी से मुलाकात कर थानाध्यक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाया है। दस अधिक लोगों ने पुलिस अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष से मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी सहित खुद की भी हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त की है। उसके बाद पुलिस कप्तान डॉ. कुमार आशीष ने सुरक्षा के लिहाज से एक गार्ड देने के साथ ही मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि बहुत ही जल्द फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक से मिलने आई मृतक की बेटी शिल्पी कुमारी ने बताया कि मेरे पापा और मेरे भैया को पिछले बुधवार को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई न होने से पुलिस भी हाथ पर हाथ रख कर बैठी हुई है। पुलिस द्वारा केवल सांत्वना दी जा रही है। इस कारण कोई भी संतुष्ट नहीं हो रहा है। हालांकि हत्याकांड का मुख्य आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लगातार धमकी दे रहा है कि हम अभी और खेल खेलेंगे। लेकिन एसपी साहब भरोसा दिला रहे हैं कि आप लोगों की सुरक्षा की जाएगी। लेकिन मेरा सवाल यह है कि अभी एक सप्ताह हो गया है, लेकिन पुलिस क्या कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, चार बीघा जमीन को लेकर पुरानी रंजिश में पड़ोसियों द्वारा पिछले बुधवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दूधिया पुल के पास अधिवक्ता पिता-पुत्र की अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मेथवलिया गांव निवासी सह छपरा व्यवहार न्यायालय के वरीय अधिवक्ता राम अयोध्या राय और युवा अधिवक्ता सुनील राय के रूप में हुई थी।
बताया जा रहा है कि दोनों अधिवक्ता पिता और पुत्र घर से निकल कर मोटरसाइकिल से सिविल कोर्ट जा रहे थे, तभी गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। हालांकि हत्या के स्पष्ट कारणों की जानकारी किसी को नहीं है, लेकिन चार बीघा जमीन के मामले में पुरानी रंजिश बताई जा रही है। इसे लेकर परिजनों द्वारा गांव के कुछ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था। इसमें अभी तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।