एक-दूसरे को बधाई देते शंकर सिंह के समर्थक।
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रूपौली सीट से साल 2000 अजमा रहे किस्मत
शंकर सिंह रूपौली विधानसभा सीट से साल 2000 से लगातार चुनाव लड़ रहे हैं। विधानसभा चुनाव 2020 में लोजपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाया, इसमें 44,994 वोट लाकर वह दूसरे स्थान पर थे। वहीं शंकर सिंह फरवरी 2005 में रूपौली विधानसभा से लोजपा के टिकट पर विधायक बने थे। हालांकि, दोबारा फिर नवंबर 2005 में चुनाव हुआ तो, उनकी हार हो गई थी। वह छह बार रुपौली सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। 2010 के विधानसभा चुनाव में शंकर सिंह राजद समर्थित लोजपा के उम्मीदवार थे। चुनाव में वह दूसरे स्थान पर रहे थे। वहीं, 2015 में पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय ही चुनाव लड़ा, इसमें वह तीसरे स्थान पर रहे थे। इसी तरह 2020 में लोजपा ने उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाया, जिसमें 44, 994 वोट लाकर वह दूसरे स्थान पर थे। इस चुनाव से पहले रूपौली सीट जदयू के पाले में थी। शंकर सिंह लोजापा (रामविलास) के सदस्य थे। टिकट मिलने की उम्मीद पर पानी फिरते देख शंकर सिंह ने इस्तीफा दे दिया और निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे।