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बिहार: आरएलजेपी प्रमुख पशुपति पारस ने रुचिदा शर्मा को पांच साल के लिए निलंबित किया, पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप

Thu, 27 Jan 2022 04:15 AM IST
देव कश्यप एएनआई, पटना

सार

आरएलजेपी संसदीय बोर्ड ने मणिपुर सहित सभी पांच चुनावी राज्यों में अपने गठबंधन सहयोगी भाजपा के उम्मीदवारों का समर्थन करने का फैसला किया है। जबकि  रुचिदा शर्मा ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि उनकी पार्टी आगामी मणिपुर विधानसभा चुनावों में 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
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केंद्रीय मंत्री और आरएलजेपी प्रमुख पशुपति पारस। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) के प्रमुख पशुपति कुमार पारस ने बुधवार को पार्टी की राष्ट्रीय सचिव रुचिदा शर्मा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पांच साल के लिए निलंबित कर दिया।

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इस बीच, आरएलजेपी संसदीय बोर्ड ने मणिपुर सहित सभी पांच चुनावी राज्यों में अपने गठबंधन सहयोगी भाजपा के उम्मीदवारों का समर्थन करने का फैसला किया है। रुचिदा शर्मा आरएलजेपी की उत्तर-पूर्व प्रभारी हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि उनकी पार्टी आगामी मणिपुर विधानसभा चुनावों में 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) में फूट पड़ गई थी, जिसके बाद बेटे चिराग पासवान और भाई पशुपति पारस के नेतृत्व वाले गुट पार्टी के लिए दावा कर रहे थे।
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इसके बाद चुनाव आयोग (ईसी) ने लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के दोनों गुटों को नए नाम और प्रतीक आवंटित किए थे। इनमें से एक का नाम राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) और दूसरे का नाम लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) रखा है। आरएलजेपी का नेतृत्व पशुपति पारस जबकि लोजपा (रामविलास) के नेतृत्व चिराग पासवान कर रहे हैं। आरएलजेपी को चुनाव चिन्ह बल्ला और एलजेपी (रामविलास) को चुनाव चिन्ह हेलीकॉप्टर दिया गया है।

चिराग पासवान ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा पशुपति कुमार पारस को सदन में पार्टी के संसदीय दल के नेता के रूप में नामित करने के फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका भी दायर की थी। हालांकि, दिल्ली उच्च न्यायालय ने चिराग पासवान की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इसमें कोई दम नहीं है।

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