राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को दावा किया कि बिहार में दो विधानसभा सीटों के उपचुनाव में उनकी पार्टी की जीत से राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल मच जाएगी, जहां एनडीए कमजोर बहुमत के साथ सरकार चला रहा है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी ने मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र में राजद उम्मीदवार के लिए प्रचार करते हुए ये बात कही।
यादव ने एक चुनावी रैली में कहा कि अगर हमें यहां (तारापुर) और कुशेश्वर अस्थान में जीत मिली तो आप कुछ महीनों में एक खेला देख सकते हैं। जाहिर तौर पर उनका इशारा कुछ महीने पहले प. बंगाल में हुए हाई-वोल्टेज विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस द्वारा गढ़े गए नारे 'खेला होबे' की तरफ था।
राजद ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में 75 सीटें हासिल की थीं, जो भाजपा के मुकाबले एक अधिक थी, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जद (यू) की तुलना में काफी ज्यादा थी जो मात्र 50 सीटें ही जीत सकी थी।
बहरहाल, 243 सदस्यों वाली विधानसभा में एनडीए को कम बहुमत मिला था। राजद के नेतृत्व वाला महागठबंधन जिसमें कांग्रेस और वामपंथी दल शामिल थे, बहुमत के जादुई आंकड़े से लगभग 10 सीट दूर रह गया था। इसके लिए उसने सीटों में हेरफेर का आरोप लगाया।
राज्य के उप-मुख्यमंत्री रह चुके तेजस्वी यादव ने जद (यू) विधायक मेवा लाल चौधरी की मौत के लिए नीतीश कुमार सरकार को निशाना बनाया जिनके निधन के कारण तारापुर में उपचुनाव हो रहा है।
डबल इंजन सरकार में बिहार वासियों पर पड़ रही है डबल मार: तेजस्वी
बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में बिहार वासियों पर डबल मार पड़ रही है। बिहार में बिहार वासियों को रोजगार नहीं मिल रहा है। अगर कहीं बाहर रोजगार की तलाश में जा रहे हैं तो मार दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्पदंश से मौत पर बिहार सरकार 4 लाख का मुआवजा देती है लेकिन सरकार की नाकामी के कारण पलायन कर रोजी-रोटी के लिए बाहर गए लोगों को आतंकवादियों द्वारा मारे जाने पर 2 लाख रुपये ही देती है। तेजस्वी ने कहा कि अन्याय के साथ विनाश ही नीतीश-भाजपा सरकार का मूल मंत्र है।