फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहार में महागठबंधन की राजनीति हुई तेज, नीतीश- पासवान की बढ़ती करीबी से BJP बेचैन

Mon, 02 Apr 2018 06:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
विज्ञापन
विज्ञापन

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं। दोनों दिग्गजों की यह निकटता 2019 के आम चुनाव में बीजेपी पर दबाव बना सकती है।

विज्ञापन


लोजपा सूत्रों के मुताबिक पिछले छह महीने में दोनों चार बार से अधिक मिल चुके हैं। वहीं आगामी 14 अप्रैल को हो रहे बिहार दलित सेना के राष्ट्रीय अधिवेशन में दोनों के एक साथ शामिल होने की योजना भी है। इस अधिवेशन में उपेंद्र कुशवाहा भी शामिल हो सकते हैं।

अभी हाल ही में बिहार में हुई सांप्रदायिक हिंसा, बीजेपी के आक्रामक रवैये और आरजेडी के बिहार सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद जेडीयू और लोजपा को यह डर सता रहा है कि वह मुस्लिम और दलितों के वोटों से अलग-थलग पड़ सकते हैं।
विज्ञापन


जीतन राम मांझी भी एनडीए से अलग होकर पहले ही महागठबंधन में शामिल हो गए हैं। साथ ही  खबर तो यह भी है कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी  (रलोसपा) अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा भी आरजेडी में शामिल हो सकते हैं। इससे नीतीश और पासवान को डर सताने लगा है कि आरजेडी चुनावों में बीजेपी से भिड़ने के लिए अपना आधार मजबूत कर रही है।

इसके साथ ही लोजपा सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री दलितों के राष्ट्रीय अधिवेशन में पासवान को महादलित की श्रेणी में शामिल करने की घोषणा कर सकते हैं। आपको बता दें कि नीतीश ने जब महादलित श्रेणी बनाई थी तब उन्होंने इसमें पासवान को शामिल नहीं किया था।

लेकिन अब दोनों की दोस्ती को देखकर लगता है नीतीश पासवान को महादलित श्रेणी में शामिल कर सकते हैं। वहीं  पासवान को यह डर सता रहा है कि पिछले दिनों जिस तरह से बिहार में  सांप्रदायिक हिंसा हुई है उसके बाद उनके दलित वोट बैंक पर प्रभाव पड़ सकता है। 

Trending Videos
विज्ञापन

एनडीए में घुटन महसूस कर रहे हैं पासवान

वहीं राजनीतिक जानकारों का कहना है कि उपेंद्र कुशवाहा को आरजेडी में शामिल होने के लिए खुला निमंत्रण मिला है। बीते गुरूवार वह दिल्ली के एम्स अस्पताल में लालू यादव से भी मिलने पहुंचे थे।

इसके अलावा बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने पासवान का किसी और गठबंधन या पार्टी में शामिल होने की खबरों को सिरे से नकार दिया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि 14 को हो रहे दलित अधिवेशन का निमंत्रण तो डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी को भी मिला है और वह भी उस अधिवेशन में शामिल होंगे।

इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि वह कोई अलग फ्रंट बनाएंगे।उन्होंने आगे कहा कि सुशील मोदी जैसे लोग बीजेपी के लिए जी भी सकते हैं और मर भी सकते हैं। 

वहीं आरजेडी भी दावा कर रही है कि पासवान जल्द ही महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं। आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि पासवान और आरजेडी के बीच बातचीत चल रही है। पासवान एनडीए में रहकर घुटन महसूस कर रहे हैं।

सिंह ने आगे कहा कि वह मांझी के उनकी पार्टी में शामिल होने की बात पहले ही कह चुके थे। जिससे बीजेपी ने इंकार कर दिया था। लेकिन बाद में वह आरजेडी में शामिल हुए। ऐसा ही बिल्कुल पासवान के मामले में भी होने वाला है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें