छपरा में राम कथा के दौरान रिटायर्ड प्रोफेसर की मौत
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बिहार के छपरा स्थित मारुति मानस मंदिर परिसर में चल रहे श्री हनुमान जयंती कार्यक्रम के चलते दर्दनाक हादसा हो गया। यहां प्रवचन के कारण मंदिर के मुख्य सचिव और सेवानिवृत्त प्रोफेसर रणंजय सिंह को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। हनुमान जयंती समारोह में शनिवार की शाम अयोध्या से आए संत रत्नेश्वर जी का प्रवचन चल रहा था। प्रवचन समाप्त होने के बाद लगभग सात बजे रणंजय सिंह मंच से भक्तों को संबोधित कर रहे थे, तभी उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे मंच पर ही गिर पड़े।
संत के सम्मान में दे रहे थे प्रवचम
रणंजय कथा सुनाने वाले संत के सम्मान में दोहा सुना रहे थे। उनका आखिरी दोहा था- बिछुरत एक प्रान हरि लेहीं। मिलत एक दुख दारुन देहीं। इसका मतलब यह हुआ कि संत छोड़कर जाता है तो प्राण ले लेता है और असंत जाने पर दुख देता है। बोलते-बोलते ही वे चक्कर खाकर जमीन पर गिर गए। अब यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
रणंजय सिंह के गिरते ही मंच पर हंगामा
रणंजय सिंह के गिरते ही मंच पर हंगामा मच गया। आनन-फानन में कमेटी के सदस्य उसे छपरा सदर अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि रणंजय सिंह का दिल का दौरा पड़ने से जल्द ही निधन हो गया था। प्रोफेसर रणंजय सिंह जब जनता को संबोधित कर रहे थे तो लोग उनका वीडियो भी बना रहे थ। दिल का दौरा पड़ते ही यह घटना लोगों के फोन में कैद हो गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया है।
शहर में शोक की लहर
वहीं समिति के मुख्य सचिव रणंजय सिंह के आकस्मिक निधन पर शहर के आम से लेकर विशेष वर्ग के सभी लोगों ने शोक व्यक्त किया। कहा जा रहा है कि सेवानिवृत्त प्रोफेसर रणंजय सिंह मारुति मानस मंदिर की स्थापना काल से जुड़े थे और मंदिर के निर्माण में उनका बहुत बड़ा योगदान था। शाम को स्वामी रत्नेश्वर जी का प्रवचन समाप्त होने के बाद प्रोफेसर साहब यहां उपस्थित श्रोताओं को संबोधित कर रहे थे। उसी समय अचानक बोलते समय उनकी आवाज लड़खड़ा गई और उसी क्षण वे मंच पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत छपरा सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।