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बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष पद को लेकर सियासत तेज

Fri, 25 Dec 2020 03:38 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, पटना।
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बिहार विधानसभा - फोटो : ANI
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बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी को लेकर सियासत गरमाने लगी है। परंपरा के मुताबिक परिषद में सबसे बड़े दल के नेता को नेता प्रतिपक्ष का पद मिलता रहा है। इस लिहाज से राजद अपनी नेता व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को प्रतिपक्ष की कुर्सी दिलवाने की कवायद में जुट गया है। राजद के इस दावे का कांग्रेस ने भी समर्थन करने की घोषणा की है।

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दरअसल, अभी तक राबड़ी देवी ही नेता प्रतिपक्ष पद पर काबिज थीं, लेकिन राजद के पांच विधान पार्षदों के पार्टी छोड़ने पर उन्हें अपनी कुर्सी त्यागनी पड़ी थी। लेकिन राजद के नेता भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार परंपरा का निर्वहन करें।


राजद बिहार विधान परिषद में सबसे बड़ी पार्टी है। इसलिए राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष पद मिलना चाहिए। कांग्रेस के एमएलएसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि विधान परिषद में राजद के पास नेता प्रतिपक्ष पद की कुर्सी के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है। लेकिन जरूरत पड़ी तो कांग्रेस के 4 और सीपीआई के 2 एमएलसी भी सभापति को राबड़ी देवी के समर्थन में पत्र देंगे।
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राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए कांग्रेस का समर्थन
बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी को लेकर सियासत गरमाने लगी है। राजद की नेता राबड़ी देवी को प्रतिपक्ष की कुर्सी दिलवाने की कवायद तेज हो गई है। राजद के पांच विधान पार्षदों के पार्टी छोड़ने के बाद राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी।

वहीं राजद के नेता भाई वीरेंद्र ने कहा कि राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष का पद मिलना चाहिए, इसलिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार परंपरा का निर्वहन करें क्योंकि राजद बिहार विधान परिषद में सबसे बड़ी पार्टी है।

राबड़ी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बनाने के मामले में  कांग्रेस के एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि विधान परिषद में राजद के पास नेता प्रतिपक्ष पद की कुर्सी के लिए कुछ एमएलसी की संख्या कम है। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस के चार और सीपीआई के दो एमएलसी भी सभापति को समर्थन के लिए पत्र देंगे।  ब्यूरो

पद सेवा के लिए होता है कि सुविधा के लिए नहीं
जनता दल यूनाइटेड के एमएलसी नीरज कुमार का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष का पद देना या न देना सभापति के अधिकार क्षेत्र में है। लेकिन जन सेवा के लिए नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी मिलना ही जरूरी नही। इसके लिए एमएलसी पद ही काफी है। पद सेवा के लिए होता है कि सुविधा के लिए नहीं।

नीरज कुमार के इस बयान पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि नीरज कुमार को संसदीय परंपराओं का सम्मान करना नहीं आता और न ही सदन की व्यवस्था पर उन्हें भरोसा है। नेता प्रतिपक्ष सदन की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, इसलिए उन्हें इस मामले में हल्का बयान नहीं देना चाहिए।

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